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सीजेपी का आंदोलन LIVE: दिल्ली की एसईएम कोर्ट में दिपके की पेशी, शांति भंग करने का आरोप; मीडिया रिपोर्ट्स
दिल्ली पुलिस ने 'लहरा दो तिरंगा' विरोध मार्च से पहले हिरासत में लिए गए AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा किया। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को SEM अदालत में पेश किया जाएगा। जानें पूरी खबर।
लाइव अपडेट
मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाए गए दिपके
सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया। दिपके को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीजेपी और दिपके की लीगल टीम पुलिस स्टेशन में पहले से ही मौजूद है।Delhi: Delhi Police bring CJP founder Abhijeet Dipke to Mandir Marg Police Station https://t.co/xDDCfOO0lm
— IANS (@ians_india) October 17, 2026
सीपीआई नेता एनी राजा बोलीं- दिल्ली पुलिस आयुक्त से मांगा मुलाकात का समय
दिल्ली पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद सीपीआई नेता एनी राजा ने कहा, “हमने अतिरिक्त डीसीपी को इन सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया है। हमने उनसे यह भी मांग की कि वे दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात का समय दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात का समय दिला दिया जाएगा। इसी आश्वासन के आधार पर हम आज अपना प्रदर्शन समाप्त कर रहे हैं। लेकिन अगर उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया, तो हम फिर वापस आएंगे।”
कुछ ही देर में एसईएम के सामने पेश होंगे दिपके
सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके को कुछ ही देर में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाएगा। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंच चुकी हैं।महिला संगठनों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक क्यों निकाला मार्च?
महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला। उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान महिला और ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वामपंथी महिला संगठनों की सदस्याओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पुलिसकर्मियों की कथित यौन और लैंगिक हिंसा के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास एकत्र हुईं और वहां से पुलिस मुख्यालय की ओर मार्च किया। वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित यौन और लैंगिक हिंसा के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचीं।संगठनों ने अपने अपील पत्र में कहा, “जो लोग दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए।” उन्होंने कथित उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
एक आधिकारिक बयान में संगठनों ने कहा कि वीडियो, तस्वीरों और पीड़ितों के व्यक्तिगत बयानों में महिलाओं, ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा के मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, 20 जुलाई से पुलिस कार्रवाई के दौरान ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं और दो अक्तूबर के बाद इनकी शिकायतें बढ़ गईं। संगठनों ने ऐसे वीडियो का हवाला दिया, जिनमें कथित तौर पर पुरुष पुलिसकर्मियों को महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में ले जाने वाली बसों और हिरासत केंद्रों के भीतर भी यौन हिंसा की घटनाएं हुईं।
दिपके की दोपहर 12 बजे होगी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी
सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके को आज स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाएगा। इसके चलते मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीजेपी के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ''अभिजीत दिपके को दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया जाएगा।''सीजेपी के तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की कई एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज कीं। पुलिस ने बताया कि बार-बार घोषणाएं करने के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाया दिपके के अपहरण का आरोप
सीजेपी के नेता अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दिपके के अपहरण का आरोप लगाया है। कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट पर अजिंक्य शिंदे का देर रात ढाई बजे का वीडियो डाला गया। इस वीडियो में शिंदे कह रहे हैं कि दिपके के परिजनों, उनके वकीलों और सीजेपी की टीम को उनके बारे में कोई अपडेट नहीं दिया गया है। हम सभी एक सवाल पूछ रहे हैं कि अभिजीत कहां हैं?रिहाई के बाद नेहा बोरा ने क्या कहा?
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, ''हर संभव तरीके से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, मानो वे कोई खूंखार अपराधी हों। देश में लंबे समय से ऐसा होता आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ तौर पर उजागर कर दिया है कि लोगों को किस तरह हिरासत में लिया जा रहा है। चाहे दिन हो या शाम, उन्हें हिरासत में लेकर पूरी रात थाने में रखा जाता है और अगली सुबह या शाम को रिहा किया जाता है। आखिर किस अधिकार के तहत ऐसा किया जा रहा है? किस कानून या आदेश के तहत किसी व्यक्ति को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है? कानूनी तौर पर सूर्यास्त के बाद लोगों, खासकर महिलाओं को रिहा कर दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।''उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, अब अराजकता और अव्यवस्था का एक नया नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। कैसी अराजकता और अव्यवस्था? क्या वह, जो आपने मध्य दिल्ली में पैदा की है? दिल्ली के लोग राहत की सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। वे काम पर जाने के लिए जिस भी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया भारत के लोगों को बख्श दीजिए। ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कीजिए और एसआईआर पर रोक लगाइए, ताकि देश के आम नागरिक राहत की सांस ले सकें, सुकून महसूस कर सकें और उनके मतदान के अधिकार सुरक्षित रहें।''
#WATCH | Delhi: AISA National President Neha Bora says, "Law and order are being flouted in every possible way. Ordinary citizens are treated as if they were hardened criminals, a practice that has persisted in this country for a long time. The current movement has clearly exposed how people are being detained, whether during the day or in the evening, held in custody throughout the night, and only released the following morning or evening. Under what authority is this justified? By what law or order is it permissible to keep detainees held in custody all night long? Legally, individuals, especially women, ought to be released after sunset, yet this is not happening. Furthermore, there is a new narrative being pushed, one of chaos and anarchy. What kind of chaos and anarchy? The one you unleashed in Central Delhi? The people of Delhi cannot even breathe a sigh of relief; whichever route they take to get to work, they find it blocked. You are spreading chaos and anarchy across the nation. Please, spare the people of India. Impeach Gyanesh Kumar and halt SIR, so that the ordinary citizens of this country can breathe a sigh of relief, feel at ease, and have their voting rights ensured." She adds, "They (Police) demanded my name, address, and other details. For a long time, they wouldn't even let me speak or consult with a legal advisor (lawyer). Our lawyers spent 5–6 hours trying to reach me; it was only after we managed to call them that they were finally allowed to meet me. These are the kinds of things these people have been doing for a long time."
— ANI (@ANI) October 17, 2026
उन्होंने आगे कहा, ''पुलिस ने मुझसे मेरा नाम, पता और अन्य जानकारियां मांगीं। काफी देर तक उन्होंने मुझे बोलने या किसी कानूनी सलाहकार यानी वकील से परामर्श करने तक की अनुमति नहीं दी। हमारे वकील मुझ तक पहुंचने के लिए पांच से छह घंटे तक प्रयास करते रहे। जब हम उनसे फोन पर संपर्क करने में सफल हुए, तभी उन्हें मुझसे मिलने की अनुमति दी गई। ये लोग लंबे समय से इसी तरह की हरकतें करते आ रहे हैं।''
सीजेपी का आंदोलन LIVE: दिल्ली की एसईएम कोर्ट में दिपके की पेशी, शांति भंग करने का आरोप; मीडिया रिपोर्ट्स
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन कर रहे युवा आंदोलनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह नेहा को रिहा कर दिया। वहीं, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी।
क्या था पूरा मामला?
दोनों को शुक्रवार को कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' विरोध मार्च से पहले निवारक हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद छोड़ा गया।
दिपके पर क्या कार्रवाई हुई?
दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिपके को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें शनिवार को ही SEM अदालत में पेश किया जाएगा।