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विक्टर-राउडी की फैन हुई अमेरिकी सेना: भारतीय सेना के डॉग्स ने दिखाया ऐसा करतब, ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई थी ताकत

Sun, 20 Sep 2026 07:03 PM IST
राहुल कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 20 Sep 2026 07:03 PM IST
सार

भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में भारतीय सेना के प्रशिक्षित डॉग्स राइस, विक्टर, जैक और राउडी ने अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। अमेरिकी जवानों ने उनकी फुर्ती, प्रशिक्षण और मुश्किल सामरिक परिस्थितियों के कायल हो गए। 
 

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US soldiers amazed by the combat skills of Indian Army dogs; they also played a crucial role in Operation Sind
भारतीय सेना के डॉग्स। - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना के डॉग्स ने अपने युद्ध कौशल के करतबों से अमेरिकी सेना हैरान है। भारतीय सेना की खास सैन्य मुहिमों में सैनिकों की मदद करने में माहिर डॉग्स राइस, विक्टर, जैक और राउडी ने अमेरिकी सैनिकों के साथ रूम-इंटरवेंशन और रैपलिंग जैसी मुश्किल ड्रिल में हिस्सा लिया। इससे अमेरिकी जवानों को इन डॉग्स के प्रशिक्षण, फुर्ती और मुश्किल सामरिक हालात में सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करने की क्षमता को करीब से देखने का मौका मिला।

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ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई बड़ी भूमिका
राउडी और विक्टर रामपुर हाउंड नस्ल के हैं। यह भारत की स्वदेशी नस्ल है, जिसका भारतीय सेना सैन्य भूमिकाओं में तेजी से इस्तेमाल कर रही है। जैक बेल्जियन मेलिनॉयस और राइस लैब्राडोर रिट्रीवर है।
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इन डॉग्स को भारत की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर तैनाती का अनुभव भी है। रामपुर हाउंड्स ने इससे पहले मेघालय के उमरोई में हुए एक अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्हें मणिपुर सीमा पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का सफलतापूर्वक पता लगाया।
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इनके भाई-बहनों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जालंधर और अमृतसर सेक्टर में भी तैनात किया गया था। यह अलग-अलग इलाकों और परिस्थितियों में इस कैनाइन लाइन की उपयोगिता, अनुकूलन क्षमता और भरोसेमंद प्रदर्शन को दिखाता है।

‘युद्ध अभ्यास 2026’ में इन डॉग्स की भागीदारी भारतीय सेना के कैनाइन दस्ते, खासकर स्वदेशी नस्लों की बढ़ती भूमिका को सामने लाती है। साथ ही, यह प्रशिक्षित डॉग्स और उनके हैंडलर्स के बीच बेहतर तालमेल को भी दिखाती है।

उत्तराखंड और राजस्थान में हो रहा है युद्ध अभ्यास
युद्ध अभ्यास 2026 का 22वां संस्करण 15 सितंबर से शुरू हुआ है। दो हफ्ते का यह अभ्यास उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ चल रहा है। दोनों देशों के करीब 600 जवान इसमें शामिल हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान, 14 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने भाग लेने वाली सैन्य टुकड़ियों को संबोधित किया।


रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास में पहाड़ी और कम पहाड़ी क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध दल के इस्तेमाल, पैदल सेना के अभियानों, आपसी तालमेल और संयुक्त योजना पर जोर है। निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और आधुनिक हथियार प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

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