फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CBI extradites Sourabh Chandrakar the kingpin in Mahadev App betting cases from Oman

महादेव एप सट्टेबाजी: सरगना सौरभ चंद्राकर का ओमान से भारत प्रत्यर्पण; अब क्या होगी अगली कार्रवाई?

Sun, 01 Nov 2026 07:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 01 Nov 2026 07:10 PM IST
सार

महादेव एप सट्टेबाजी मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ओमान से भारत ले आई है। उस पर विदेश से अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाने का आरोप है। जांच में हवाला के जरिये रकम विदेश भेजने और सरकारी कर्मचारियों को पैसा देने की बात भी सामने आई थी। अब इस मामले में क्या कार्रवाई होगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

विज्ञापन
CBI extradites Sourabh Chandrakar the kingpin in Mahadev App betting cases from Oman
सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/सीबीआई

विस्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दूसरी केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण सफलतापूर्वक करा लिया है। वह महादेव एप के अवैध सट्टेबाजी गिरोह का सरगना है। उसे ओमान से भारत लाया गया है।
विज्ञापन


सीबीआई की एक विशेष टीम ओमान भेजी गई थी। यह टीम उसे भारत वापस लेकर आई है। अब उसे रायपुर की सीबीआई विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। वह सीबीआई के दो मामलों में वांछित है। इन दोनों मामलों में आरोपपत्र पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक मामले में भी वह वांछित है। इस मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली: नागपुर में जुटेंगे 20 हजार लोग, फडणवीस-गडकरी करेंगे नेतृत्व; क्या है मकसद?
विज्ञापन
विज्ञापन


यह प्रत्यर्पण भारत के लगातार जारी प्रयासों में एक बड़ी उपलब्धि है। भारत विदेशों में बैठकर भारतीय नागरिकों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कारोबार चलाने वाले भगोड़ों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें भारतीय कानून के तहत उचित कानूनी प्रक्रिया का सामना कराना है।

सीबीआई ने कब शुरू की थी जांच?
छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोहों में से एक था। इसे भारत के बाहर से चलाया जाता था।

यह गिरोह क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और दूसरे आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी की सुविधा देता था। इसके लिए फ्रेंचाइजी वाले 'पैनल' और 'शाखाओं' का नेटवर्क बनाया गया था। यह नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ था। इसके जरिए लोगों को जोड़ा जाता था और उनसे सट्टे की रकम ली जाती थी।

सट्टेबाजी से मिले पैसे का क्या किया जाता था?
अवैध सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खातों के जरिये भेजा जाता था, जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों के नाम पर किया जाता था। इन खातों से कई लेनदेन किए जाते थे। इसके बाद हवाला के जरिए यह पैसा विदेश भेजा जाता था। जांच में आगे पता चला कि इस रकम का एक हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था। इससे सट्टेबाजी का गिरोह बिना किसी रुकावट के अपना काम चला सका।

सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता के उन प्रावधानों के तहत भी आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े हैं। छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत भी आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। सौरभ चंद्राकर इन आरोपपत्रों में नामजद मुख्य आरोपियों में शामिल है। ईडी ने भारत और विदेशों में उसकी कई संपत्तियां कुर्क की हैं।

ओमान में कैसे पकड़ा गया सौरभ चंद्राकर?
सीबीआई ने एक बयान में कहा, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी के आधार पर उसका पता लगाया गया और ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। सीबीआई और ईडी ने तुरंत ओमान के सुल्तान से उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजे। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ जुटाए गए सभी सबूत भी भेजे गए।

प्रत्यर्पण के अनुरोध पर भारत सरकार की एजेंसियों और इंटरपोल ने मिलकर काम किया गया। ओमान के सुल्तान की सक्षम एजेंसियों का भी सहयोग मिला। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई की एक टीम मस्कट गई। वहां से वह सौरभ चंद्राकर को भारत वापस लेकर आई।


सीबीआई ने ओमान का आभार जताया 
सीबीआई ने ओमान के सुल्तान, सरकार और रॉयल ओमान पुलिस की ओर से मिले सहयोग के लिए आभार जताया है। सीबीआई ने कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के बीच करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दिखाता है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध से मुकाबला करने के उनके साझा संकल्प को भी दर्शाता है।

एजेंसी ने कहा, आरोपी की मेडिकल जांच कराई जाएगी। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड हासिल करके उसे रायपुर ले जाया जाएगा। उसे कल रायपुर के सीबीआई विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed