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Yamuna Nagar News: जिला और उप जिला अस्पताल में दोपहर तीन बजे के बाद एक्सरे नहीं
Sun, 01 Nov 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:38 AM IST
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जिला अस्पताल के एक्सरे रूम पर शाम के समय लगा ताला। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग में रेडियोग्राफरों की भारी कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिला और उप जिला नागरिक अस्पताल में दोपहर तीन बजे के बाद एक्सरे की सुविधा नहीं मिलती है। वहीं ओपीडी के बाद, रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन इमरजेंसी में एक्सरे कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भी निराश होकर लौटना पड़ता है।
ऐसे में सड़क हादसों में घायल होने या आपसी झगड़ों में चोट लगने पर मरीजों को मजबूरी में निजी एक्सरे सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जिले में रेडियोग्राफर के कुल 21 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 19 पद खाली पड़े हैं। इस समय केवल दो रेडियोग्राफरों के सहारे ही विभाग का काम चल रहा है। स्टाफ की कमी के कारण सरकारी अस्पतालों में एक्सरे जैसी जरूरी जांच की सुविधा भी निर्धारित समय तक सीमित होकर रह गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तीन नई एक्सरे मशीनें खरीदी गई हैं। मुख्यालय स्तर पर इन मशीनों को जिले में भेजने की तैयारी चल रही है। इन मशीनों के स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही एक्सरे की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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अभी इन क्षेत्रों के मरीजों को छोटे-छोटे एक्सरे करवाने के लिए भी जगाधरी या यमुनानगर जाना पड़ता है। हालांकि, इन मशीनों के संचालन को लेकर सबसे बड़ा सवाल रेडियोग्राफरों की उपलब्धता का है। जब जिले में पहले से ही 21 में से 19 पद खाली हैं तो तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मशीनें चलाने के लिए स्टाफ कहां से आएगा।
सरस्वतीनगर की सीएचसी में डिब्बे में बंद पड़ी एक्सरे मशीन
रेडियोग्राफर की कमी के चलते सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब तीन साल पहले एक्सरे मशीन पहुंच गई थी, लेकिन रेडियोग्राफर की नियुक्ति नहीं होने के कारण मशीन आज तक डिब्बों में बंद पड़ी है। हालत यह है कि इस्तेमाल में आने से पहले ही मशीन की गारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नई मशीनें खरीदने के बावजूद मरीजों को सुविधा मिलने पर संशय बना हुआ है।
जनप्रतिनिधियों ने रेडियोग्राफर नियुक्ति करने की उठाई मांग
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को मशीनों के साथ रेडियोग्राफरों की नियुक्ति भी सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि मशीनें तो खरीद ली जाएं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए कर्मचारी ही उपलब्ध न हों तो इस पूरी कवायद का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र के मरीजों को अभी छोटे-छोटे एक्सरे करवाने के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। यदि इन सीएचसी में समय रहते रेडियोग्राफर नियुक्त कर दिए जाएं तो ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी राहत मिल सकती है।
जिले में रेडियोग्राफरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर मामला उठाया गया है। -डॉ. जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन यमुनानगर।
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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग में रेडियोग्राफरों की भारी कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिला और उप जिला नागरिक अस्पताल में दोपहर तीन बजे के बाद एक्सरे की सुविधा नहीं मिलती है। वहीं ओपीडी के बाद, रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन इमरजेंसी में एक्सरे कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भी निराश होकर लौटना पड़ता है।
ऐसे में सड़क हादसों में घायल होने या आपसी झगड़ों में चोट लगने पर मरीजों को मजबूरी में निजी एक्सरे सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जिले में रेडियोग्राफर के कुल 21 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 19 पद खाली पड़े हैं। इस समय केवल दो रेडियोग्राफरों के सहारे ही विभाग का काम चल रहा है। स्टाफ की कमी के कारण सरकारी अस्पतालों में एक्सरे जैसी जरूरी जांच की सुविधा भी निर्धारित समय तक सीमित होकर रह गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तीन नई एक्सरे मशीनें खरीदी गई हैं। मुख्यालय स्तर पर इन मशीनों को जिले में भेजने की तैयारी चल रही है। इन मशीनों के स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही एक्सरे की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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अभी इन क्षेत्रों के मरीजों को छोटे-छोटे एक्सरे करवाने के लिए भी जगाधरी या यमुनानगर जाना पड़ता है। हालांकि, इन मशीनों के संचालन को लेकर सबसे बड़ा सवाल रेडियोग्राफरों की उपलब्धता का है। जब जिले में पहले से ही 21 में से 19 पद खाली हैं तो तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मशीनें चलाने के लिए स्टाफ कहां से आएगा।
सरस्वतीनगर की सीएचसी में डिब्बे में बंद पड़ी एक्सरे मशीन
रेडियोग्राफर की कमी के चलते सरस्वतीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब तीन साल पहले एक्सरे मशीन पहुंच गई थी, लेकिन रेडियोग्राफर की नियुक्ति नहीं होने के कारण मशीन आज तक डिब्बों में बंद पड़ी है। हालत यह है कि इस्तेमाल में आने से पहले ही मशीन की गारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नई मशीनें खरीदने के बावजूद मरीजों को सुविधा मिलने पर संशय बना हुआ है।
जनप्रतिनिधियों ने रेडियोग्राफर नियुक्ति करने की उठाई मांग
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल गुर्जर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को मशीनों के साथ रेडियोग्राफरों की नियुक्ति भी सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि मशीनें तो खरीद ली जाएं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए कर्मचारी ही उपलब्ध न हों तो इस पूरी कवायद का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र के मरीजों को अभी छोटे-छोटे एक्सरे करवाने के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। यदि इन सीएचसी में समय रहते रेडियोग्राफर नियुक्त कर दिए जाएं तो ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी राहत मिल सकती है।
जिले में रेडियोग्राफरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर मामला उठाया गया है। -डॉ. जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन यमुनानगर।