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Chandigarh-Haryana News: बाजरे की जगह गेहूं बांटने का फरमान, 24 लाख कार्डधारकों को नहीं मिला
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बाजरे की उपलब्धता कम होने के चलते खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बचा हुआ गेहूं बांटने के दिए थे निर्देश
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। प्रदेश में डिपो संचालकों को अक्तूबर में बाजरे की जगह बचा हुआ गेहूं देने के फरमान के चलते करीब 24 लाख लाभार्थी (कार्डधारक) राशन से वंचित रह गए हैं। दरअसल, प्रदेश में संचालित करीब 7200 डिपो में अक्तूबर में बचे हुए गेहूं की मात्रा कम होने से लगभग 15 फीसदी लाभार्थियों को बाजरे की जगह अनाज नहीं मिल पाया है। प्रदेशभर में तकरीबन 1.60 करोड़ लाभार्थी डिपो से राशन लेते हैं।
अगस्त में पात्र लाभार्थियों का आगामी दो माह (सितंबर-अक्तूबर) के खाद्यान्न का इकट्ठा कोटा डिपो संचालकों को मिल गया था। बीपीएल (पीला राशनकार्ड) परिवार को प्रति सदस्य 5 किलो व अंत्योदय (गुलाबी राशनकार्ड) के लिए 35 किलो अनाज मिलता है। बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 4 किलो गेहूं व एक किलो बाजरा और अंत्योदय परिवार के लाभार्थियों (प्रतिकार्ड) 23 किलो गेहूं और 12 किलो बाजरा मिलता है। इसी आधार पर अक्तूबर में लाभार्थियों को बाजरे की जगह गेहूं देना था लेकिन करीब 85 फीसदी लाभार्थियों को आपूर्ति हो सकी है।
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी के अनुसार हर माह प्रत्येक राशन डिपो पर अनाज बचता है, उसकी वजह है कि कुछ लाभार्थी राशन नहीं लेते और कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण राशन बच जाता है। इसी बचे हुए अनाज से बाजरे की जगह गेहूं देने का फरमान खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से जारी किया गया था लेकिन अनाज की पर्याप्त मात्रा नहीं होने के चलते 15 फीसदी लाभार्थियों तक बाजरे के बदले गेहूं नहीं पहुंच सका है। इस मामले को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में डिपो संचालक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मिले हैं। अधिकारियों से समाधान का आश्वासन मिला है।
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कोई भी लाभार्थी अनाज से वंचित नहीं रहेगा। परिवहन विभाग की ओर से तैनात डिपो पर अनाज पहुंचाने वाले ठेकेदारों को निर्देश दिए गए है कि जिस डिपो पर अनाज ज्यादा हो वहां से उठाकर कमी वाले डिपो में पहुंचाया जाए। इससे शेष लाभार्थियों को भी अनाज मिलेगा।
राजेश नागर, मंत्री खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। प्रदेश में डिपो संचालकों को अक्तूबर में बाजरे की जगह बचा हुआ गेहूं देने के फरमान के चलते करीब 24 लाख लाभार्थी (कार्डधारक) राशन से वंचित रह गए हैं। दरअसल, प्रदेश में संचालित करीब 7200 डिपो में अक्तूबर में बचे हुए गेहूं की मात्रा कम होने से लगभग 15 फीसदी लाभार्थियों को बाजरे की जगह अनाज नहीं मिल पाया है। प्रदेशभर में तकरीबन 1.60 करोड़ लाभार्थी डिपो से राशन लेते हैं।
अगस्त में पात्र लाभार्थियों का आगामी दो माह (सितंबर-अक्तूबर) के खाद्यान्न का इकट्ठा कोटा डिपो संचालकों को मिल गया था। बीपीएल (पीला राशनकार्ड) परिवार को प्रति सदस्य 5 किलो व अंत्योदय (गुलाबी राशनकार्ड) के लिए 35 किलो अनाज मिलता है। बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 4 किलो गेहूं व एक किलो बाजरा और अंत्योदय परिवार के लाभार्थियों (प्रतिकार्ड) 23 किलो गेहूं और 12 किलो बाजरा मिलता है। इसी आधार पर अक्तूबर में लाभार्थियों को बाजरे की जगह गेहूं देना था लेकिन करीब 85 फीसदी लाभार्थियों को आपूर्ति हो सकी है।
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ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी के अनुसार हर माह प्रत्येक राशन डिपो पर अनाज बचता है, उसकी वजह है कि कुछ लाभार्थी राशन नहीं लेते और कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण राशन बच जाता है। इसी बचे हुए अनाज से बाजरे की जगह गेहूं देने का फरमान खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से जारी किया गया था लेकिन अनाज की पर्याप्त मात्रा नहीं होने के चलते 15 फीसदी लाभार्थियों तक बाजरे के बदले गेहूं नहीं पहुंच सका है। इस मामले को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में डिपो संचालक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मिले हैं। अधिकारियों से समाधान का आश्वासन मिला है।
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कोई भी लाभार्थी अनाज से वंचित नहीं रहेगा। परिवहन विभाग की ओर से तैनात डिपो पर अनाज पहुंचाने वाले ठेकेदारों को निर्देश दिए गए है कि जिस डिपो पर अनाज ज्यादा हो वहां से उठाकर कमी वाले डिपो में पहुंचाया जाए। इससे शेष लाभार्थियों को भी अनाज मिलेगा।
राजेश नागर, मंत्री खाद्य एवं आपूर्ति विभाग