एसआईआर नोटिस: दिल्ली में घर-घर पहुंच रहे बीएलओ, खुद ले रहे दस्तावेज; जानें वोटरों के लिए क्या है राहत
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम काटना नहीं है। तय प्रक्रिया के तहत हर मतदाता को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज जमा करने का पूरा मौका दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नई दिल्ली जिले के कई हिस्सों में बूथ-लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर दस्तावेज एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है, जिससे मतदाताओं को चुनाव कार्यालय के चक्कर काटने की परेशानी से मुक्ति मिल रही है।
घर-घर पहुंच रहे बीएलओ
बीएलओ न केवल नोटिस पहुंचा रहे हैं, बल्कि मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देकर कई मामलों में खुद ही कागजात एकत्र कर संबंधित चुनाव कार्यालय में जमा करा रहे हैं।
समय और परेशानी की बचत
नई दिल्ली क्षेत्र में कई सरकारी अधिकारी, डॉक्टर और कामकाजी लोग रहते हैं, जिनके लिए कार्य समय के दौरान चुनाव कार्यालय जाना मुश्किल होता है। इस पहल से उनका समय और भागदौड़ बच रही है।
बड़ी संख्या में जारी हुए नोटिस
दिल्ली में 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख से अधिक मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से करीब 33.13 लाख मतदाताओं को विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य कई दिग्गज हस्तियों के नाम भी शामिल हैं।
CEO कार्यालय का स्पष्टीकरण
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम काटना नहीं है। तय प्रक्रिया के तहत हर मतदाता को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज जमा करने का पूरा मौका दिया जाएगा। नोटिस के निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
विशेष शिविरों का आयोजन
इसके अलावा, 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही, ट्रांसजेंडर्स समुदाय के लिए 23 और 24 सितंबर को विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।