फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   World Tourism Day: Free entry for tourists to major historical monuments in Delhi today.

विश्व पर्यटन दिवस: दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में आज सैलानियों का मुफ्त प्रवेश, जागरूकता पर रहेगा जोर

Sun, 27 Sep 2026 03:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 27 Sep 2026 03:43 AM IST
सार

पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ लोगों को राजधानी की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए स्मारकों पर विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

विज्ञापन
World Tourism Day: Free entry for tourists to major historical monuments in Delhi today.
लाल किला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ लोगों को राजधानी की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए स्मारकों पर विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इस दौरान पर्यटकों को स्वच्छता और विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर रहेगा।

विज्ञापन


पर्यटन दिवस पर ऐतिहासिक स्थलों पर आने वाले लोगों को स्मारकों के इतिहास और उनकी अहमियत से परिचित कराया जाएगा। साथ ही उनसे अपील की जाएगी कि वे परिसर में कूड़ा न फैलाएं और ऐतिहासिक इमारतों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। जिम्मेदार पर्यटन के तहत यह संदेश दिया जाएगा कि ये स्मारक केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजकर रखने वाली धरोहर हैं।

विज्ञापन

स्मारकों से आगे की दिल्ली से अनजान विदेशी पर्यटक

लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं का मकबरा देखने दिल्ली पहुंच रहे विदेशी पर्यटक शहर की उन गलियों और बाजारों से अनजान लौट रहे हैं, जहां सदियों पुरानी कला, कारीगरी और व्यापार की विरासत आज भी जिंदा है। दरिबा कलां की चांदी और इत्र की दुकानें, किनारी बाजार की जरी-गोटा कारीगरी, खारी बावली का मसाला कारोबार और दरियागंज का पुरानी किताबों का बाजार पर्यटकों को आकर्षित तो करते हैं, लेकिन इनके पीछे की कहानियां और सांस्कृतिक महत्व बताने की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने से वे इन्हें महज खरीदारी की जगह समझकर निकल जाते हैं।

  •  हेरिटेज वॉक से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्यटकों में स्थानीय संस्कृति को जानने की रुचि बढ़ रही है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही जानकारी और मार्गदर्शन देने की है।

पुरानी दिल्ली की अनकही कहानियां
दरिबा कलां में चांदी के आभूषण और इत्र की 80 साल से पुरानी दुकानें हैं। किनारी बाजार में रंग-बिरंगे गोटे और जरी का काम आज भी हाथ से होता है। खारी बावली मसालों के पुराने व्यापार की कहानी कहती है। नाई सड़क और दरियागंज में पुरानी किताबों का बाजार दिल्ली की बौद्धिक विरासत को दर्शाता है। इन जगहों पर पीढ़ियों से एक ही हुनर को संभाला जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed