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Delhi NCR News: मार्च के चलते लुटियंस दिल्ली में थमी रफ्तार, पांच घंटे से ज्यादा जाम
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एंबुलेंस से लेकर स्टेशन जाने वाले यात्रियों तक परेशान, होटल से निकले लोग भी रास्ते में फंसे
सचिन कुमार
नई दिल्ली। एक तरफ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे मार्च में नारे गूंज रहे थे, तो दूसरी तरफ लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर जाम में फंसे लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। किसी को ट्रेन पकड़नी थी, कोई अस्पताल जाने की जल्दी में था तो किसी को होटल से निकलकर अपनी अगली यात्रा के लिए रवाना होना था। लेकिन रास्ते बंद थे और गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। लोग बार-बार मोबाइल पर समय देखते और रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।
रविवार को जंतर-मंतर की ओर निकले मार्च के कारण नई दिल्ली इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। अशोक रोड सर्किल पांच घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इसके चलते नई दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ने के साथ ही वैकल्पिक रास्ते भी जाम की चपेट में आ गए।
सायरन बजाती एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश
जाम के बीच एक एंबुलेंस भी फंसी नजर आई। सायरन बजने के बावजूद आगे वाहनों की लंबी कतार होने से उसके लिए रास्ता बनाना आसान नहीं था। आसपास मौजूद वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां किनारे कर एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश की। वाहन चालक करण ने कहा कि सुरक्षा के लिए रास्ते बंद करना अपनी जगह है, लेकिन एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रहना चाहिए। मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। एंबुलेंस को फंसा देखकर कुछ लोग भी उसे आगे निकालने में मदद करते दिखाई दिए।
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होटल से सामान लेकर निकले, सड़क पर ही अटके
अशोक रोड और आसपास के इलाकों के होटलों में ठहरे मेहमान भी यातायात प्रतिबंध से प्रभावित हुए। कई लोगों ने होटल से निकलने के लिए कैब बुलाई, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण कैब होटल तक नहीं पहुंच सकी। कुछ लोग सामान लेकर होटल के बाहर खड़े रहे और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
स्टेशन जाने वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी जाम का सामना करना पड़ा। समय से घर से निकलने के बावजूद कई यात्री रास्ते में फंस गए। कोई चालक से वैकल्पिक रास्ता पूछता नजर आया तो कोई मोबाइल पर ट्रेन की जानकारी देखता रहा। यात्री नमन ने बताया कि उसकी नई दिल्ली से ट्रेन थी और वह समय से निकला था, लेकिन रास्ते में सड़क बंद होने की जानकारी मिली।
बार-बार बदलना पड़ा रास्ता
जाम बढ़ने के साथ कारों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग पैदल ही आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखे। ऑटो चालक यात्रियों को उतारकर दूसरे रास्ते से जाने की सलाह देते रहे। वाहन चालक कमलेश ने बताया कि नई दिल्ली की ओर जाने के लिए उसे कई बार रास्ता बदलना पड़ा। सही जानकारी नहीं मिलने के कारण एक मार्ग से दूसरे मार्ग की ओर भेजा जाता रहा।मार्च खत्म होने और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होने के बाद धीरे-धीरे रास्ते खोले गए और यातायात सामान्य हुआ। हालांकि, तब तक जाम के कारण कई लोगों की यात्रा प्रभावित हो चुकी थी।
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सचिन कुमार
नई दिल्ली। एक तरफ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे मार्च में नारे गूंज रहे थे, तो दूसरी तरफ लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर जाम में फंसे लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। किसी को ट्रेन पकड़नी थी, कोई अस्पताल जाने की जल्दी में था तो किसी को होटल से निकलकर अपनी अगली यात्रा के लिए रवाना होना था। लेकिन रास्ते बंद थे और गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। लोग बार-बार मोबाइल पर समय देखते और रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।
रविवार को जंतर-मंतर की ओर निकले मार्च के कारण नई दिल्ली इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। अशोक रोड सर्किल पांच घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इसके चलते नई दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ने के साथ ही वैकल्पिक रास्ते भी जाम की चपेट में आ गए।
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सायरन बजाती एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश
जाम के बीच एक एंबुलेंस भी फंसी नजर आई। सायरन बजने के बावजूद आगे वाहनों की लंबी कतार होने से उसके लिए रास्ता बनाना आसान नहीं था। आसपास मौजूद वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां किनारे कर एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश की। वाहन चालक करण ने कहा कि सुरक्षा के लिए रास्ते बंद करना अपनी जगह है, लेकिन एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रहना चाहिए। मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। एंबुलेंस को फंसा देखकर कुछ लोग भी उसे आगे निकालने में मदद करते दिखाई दिए।
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होटल से सामान लेकर निकले, सड़क पर ही अटके
अशोक रोड और आसपास के इलाकों के होटलों में ठहरे मेहमान भी यातायात प्रतिबंध से प्रभावित हुए। कई लोगों ने होटल से निकलने के लिए कैब बुलाई, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण कैब होटल तक नहीं पहुंच सकी। कुछ लोग सामान लेकर होटल के बाहर खड़े रहे और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
स्टेशन जाने वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी जाम का सामना करना पड़ा। समय से घर से निकलने के बावजूद कई यात्री रास्ते में फंस गए। कोई चालक से वैकल्पिक रास्ता पूछता नजर आया तो कोई मोबाइल पर ट्रेन की जानकारी देखता रहा। यात्री नमन ने बताया कि उसकी नई दिल्ली से ट्रेन थी और वह समय से निकला था, लेकिन रास्ते में सड़क बंद होने की जानकारी मिली।
बार-बार बदलना पड़ा रास्ता
जाम बढ़ने के साथ कारों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग पैदल ही आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखे। ऑटो चालक यात्रियों को उतारकर दूसरे रास्ते से जाने की सलाह देते रहे। वाहन चालक कमलेश ने बताया कि नई दिल्ली की ओर जाने के लिए उसे कई बार रास्ता बदलना पड़ा। सही जानकारी नहीं मिलने के कारण एक मार्ग से दूसरे मार्ग की ओर भेजा जाता रहा।मार्च खत्म होने और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होने के बाद धीरे-धीरे रास्ते खोले गए और यातायात सामान्य हुआ। हालांकि, तब तक जाम के कारण कई लोगों की यात्रा प्रभावित हो चुकी थी।