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सीमापुरी हादसे ने फिर डराया: दरकते मकानों में फिर सहमी जिंदगी, घने इलाकों में पुराने भवनों की सुरक्षा पर सवाल

Thu, 08 Oct 2026 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा सचिन कुमार, नई दिल्ली
सचिन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 08 Oct 2026 01:52 AM IST
सार

सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुई मौतों कर दर्द टीस ही दे रही थी कि बुधवार को सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई।

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Seemapuri incident sparks fresh alarm: Dilapidated houses and lives at risk
सीमापुरी इमारत हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीमापुरी के हादसे ने दिल्ली के पुराने और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को एक बार फिर डरा दिया है। सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुई मौतों कर दर्द टीस ही दे रही थी कि बुधवार को सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सीमापुरी, जाफराबाद, भजनपुरा, लक्ष्मी नगर, मुनिरका, ग्रीन पार्क, कालकाजी और गोविंदपुरी समेत दिल्ली के कई आवासीय इलाकों में पुराने मकान और बहुमंजिला इमारतें हैं। इनमें वर्षों से परिवार और किरायेदार रह रहे हैं। कई इलाकों में गलियां इतनी संकरी हैं कि किसी इमारत का हिस्सा गिरने की स्थिति में राहत और बचाव दल को मौके तक पहुंचने में भी मुश्किल हो सकती है।
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जाफराबाद में सटे मकानों के बीच परिवार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली का जाफराबाद घनी आबादी वाला इलाका है। यहां कई गलियां संकरी हैं और बड़ी संख्या में पुराने मकान एक-दूसरे से सटे हुए हैं। कई भवनों की ऊपरी मंजिलों पर भी परिवार रहते हैं। समय के साथ कई मकानों में सीलन, दरार और टूट-फूट की समस्या सामने आई है। स्थानीय निवासी इमरान ने बताया कि कई पुराने मकानों की ऊपर की मंजिलों पर भी परिवार रह रहे हैं। दीवारों पर सीलन और दरारें साफ दिखाई देती हैं। डर तो रहता है, लेकिन हर किसी के पास दूसरा घर नहीं है।
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भजनपुरा में संकरी गलियों के बीच पुराने भवन
भजनपुरा की छोटी और घनी गलियों में भी कई पुराने मकान आज परिवारों का सहारा बने हुए हैं। कई भवन एक-दूसरे से सटे हैं और कुछ में समय के साथ ऊपर की मंजिलें भी बढ़ाई गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने भवनों की नियमित जांच होनी चाहिए, सिर्फ शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। निवासी सुनीता के मुताबिक, कई मकान बेहद पुराने हैं। लोगों को खतरे का डर रहता है, लेकिन घर छोड़ना आसान नहीं है।

लक्ष्मी नगर में बढ़ता निर्माण, बढ़ रहा भार
लक्ष्मी नगर की घनी गलियों में कई पुराने मकानों में एक से अधिक परिवार रहते हैं। समय के साथ कुछ भवनों में अतिरिक्त कमरे और ऊपर की मंजिलें बनाई गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुराने ढांचे पर बढ़ता भार चिंता का विषय है। भवनों के बीच कम दूरी के कारण एक इमारत को नुकसान पहुंचने पर आसपास के मकानों को भी खतरा हो सकता है।


कई इलाकों में पुराने भवन चिंता का कारण
सीमापुरी, जाफराबाद, भजनपुरा और लक्ष्मी नगर के अलावा मुनिरका, बेरसराय, जिया सराय, कटवारिया सराय, ग्रीन पार्क, करोल बाग और मुखर्जी नगर में भी पुराने भवन हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मकान बाहर से ठीक दिखते हैं, लेकिन उनकी अंदरूनी मजबूती का पता नहीं चलता। ऐसे में पुराने भवनों का सर्वे कर उनकी स्थिति स्पष्ट करना और समय रहते जरूरी कार्रवाई करना जरूरी है।

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