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Delhi NCR News: जेएनयू में फेलोशिप प्रक्रिया में बदलाव पर पारदर्शिता की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज (एसएलएलएंडसीएस) में पीएचडी छात्रों की जेआरएफ फेलोशिप मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्रों ने पारदर्शिता की मांग की है। स्कूल के काउंसलरों ने डीन को पत्र लिखकर पिछले महीने हुई बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) सार्वजनिक करने और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी छात्रों को देने की मांग की है।
काउंसलरों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली है कि फेलोशिप मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर बैठक हुई थी, लेकिन अब तक छात्रों को इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उनका कहना है कि फेलोशिप प्रक्रिया में किसी भी बदलाव का शोधार्थियों की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में निर्णय प्रक्रिया को पारदर्शी रखना जरूरी है।
पत्र में कहा गया है कि यदि फेलोशिप मंजूरी की प्रक्रिया में कोई संशोधन प्रस्तावित या लागू किया गया है तो इसकी पूरी जानकारी छात्रों को दी जाए। साथ ही बैठक के मिनट्स भी उपलब्ध कराए जाएं।
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काउंसलरों ने बताया कि फेलोशिप मंजूरी की अवधि शुरू हो चुकी है और 8 अक्तूबर तक ही है। ऐसे में प्रक्रिया को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज (एसएलएलएंडसीएस) में पीएचडी छात्रों की जेआरएफ फेलोशिप मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्रों ने पारदर्शिता की मांग की है। स्कूल के काउंसलरों ने डीन को पत्र लिखकर पिछले महीने हुई बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) सार्वजनिक करने और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी छात्रों को देने की मांग की है।
काउंसलरों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली है कि फेलोशिप मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर बैठक हुई थी, लेकिन अब तक छात्रों को इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उनका कहना है कि फेलोशिप प्रक्रिया में किसी भी बदलाव का शोधार्थियों की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में निर्णय प्रक्रिया को पारदर्शी रखना जरूरी है।
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पत्र में कहा गया है कि यदि फेलोशिप मंजूरी की प्रक्रिया में कोई संशोधन प्रस्तावित या लागू किया गया है तो इसकी पूरी जानकारी छात्रों को दी जाए। साथ ही बैठक के मिनट्स भी उपलब्ध कराए जाएं।
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काउंसलरों ने बताया कि फेलोशिप मंजूरी की अवधि शुरू हो चुकी है और 8 अक्तूबर तक ही है। ऐसे में प्रक्रिया को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।