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Delhi NCR News: ओखला में फटा ऑक्सीजन सिलिंडर, एक व्यक्ति के उड़े चीथड़े, चार घायल
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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला फेज-एक में हुआ हादसा
गाजियाबाद से सिलिंडर लेकर आया था एक वाहन
लोहे की बॉडी भी चादर बनी, पुलिस कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला फेज-एक में बुधवार को एक व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से एक व्यक्ति की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है। हादसा इतना हदय विदारक था कि मोहित सिंह (35) के शरीर के कई टुकड़े हो गए। ओखला थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की है। विस्फोट इनता भयानक था कि टाटा 407 की लोहे की बॉडी भी एक लोहे की चादर में तब्दील हो गई थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) और पुलिस के अनुसार ओखला फेज-एक के डी-23 में हुए इस हादसे की सूचना पूर्वाह्न 10 बजकर 43 मिनट पर। इस जगह पर एसएम ट्रेडर्स नामक फर्म का गोदाम है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार गाजियाबाद से व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आई टाटा 407 गोदाम के बाहर खड़ी थी। जब सिलिंडर उतारे जा रहे थे तभी एक सिलिंडर वाहन से सड़क पर गिर गया और उसमें विस्फोट हो गया। दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने गोदाम मालिक व विनोद नगर, पूर्वी दिल्ली निवासी श्याम मोहन को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में केवल एक सिलिंडर के फटने की बात सामने आई है। मोहित सिंह एटा (उत्तर प्रदेश) करीब तीन साल से इस फर्म में काम कर रहे थे। घायलों की पहचान उमेश, अरविंद, मनोज और पंकज के रूप में हुई है जिन्हें तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गईं और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस पुलिस कुमार के अनुसार एसएम ट्रेडर्स पिछले करीब एक-दो साल से किराये के परिसर में काम कर रही है और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति करती है। परिसर में ऑक्सीजन भरने का कोई संयंत्र नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑक्सीजन से भरे सिलेंडर गाजियाबाद से आते हैं और स्थानीय कारोबारियों तथा उद्योगों, विशेषकर ओखला क्षेत्र में उनकी आपूर्ति की जाती है।
पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने कहा कि रोजाना करीब 70-80 सिलिंडर लाने-ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, भंडारण रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल और अन्य दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिलिंडरों के स्वामित्व, आपूर्ति के स्रोत और आपूर्तिकर्ता के अलावा उनके भंडारण, रखरखाव और परिवहन से संबंधित वैधानिक अनुमतियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार विस्फोट के सटीक कारण का अभी पता नहीं चला है। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है और मामले की जांच जारी है।
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दो साल से किराए पर था गोदाम : पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि एसएम ट्रेडर्स पिछले दो वर्ष से किराए के इस परिसर को गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। यहां रिफिलिंग का कोई प्लांट नहीं था। फर्म गाजियाबाद के राम अवतार नामक सप्लायर से भरे हुए आक्सीजन सिलिंडर मंगाती। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल को सील कर दिया है। फोरेंसिक और तकनीकी टीमें धमाके के सटीक कारणों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा, फर्म के लाइसेंस, जीएसटी दस्तावेजों और सिलेंडर भंडारण व परिवहन के मानकों की भी गहन जांच की जा रही है।
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गाजियाबाद से सिलिंडर लेकर आया था एक वाहन
लोहे की बॉडी भी चादर बनी, पुलिस कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला फेज-एक में बुधवार को एक व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से एक व्यक्ति की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है। हादसा इतना हदय विदारक था कि मोहित सिंह (35) के शरीर के कई टुकड़े हो गए। ओखला थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की है। विस्फोट इनता भयानक था कि टाटा 407 की लोहे की बॉडी भी एक लोहे की चादर में तब्दील हो गई थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) और पुलिस के अनुसार ओखला फेज-एक के डी-23 में हुए इस हादसे की सूचना पूर्वाह्न 10 बजकर 43 मिनट पर। इस जगह पर एसएम ट्रेडर्स नामक फर्म का गोदाम है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार गाजियाबाद से व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आई टाटा 407 गोदाम के बाहर खड़ी थी। जब सिलिंडर उतारे जा रहे थे तभी एक सिलिंडर वाहन से सड़क पर गिर गया और उसमें विस्फोट हो गया। दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने गोदाम मालिक व विनोद नगर, पूर्वी दिल्ली निवासी श्याम मोहन को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में केवल एक सिलिंडर के फटने की बात सामने आई है। मोहित सिंह एटा (उत्तर प्रदेश) करीब तीन साल से इस फर्म में काम कर रहे थे। घायलों की पहचान उमेश, अरविंद, मनोज और पंकज के रूप में हुई है जिन्हें तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गईं और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस पुलिस कुमार के अनुसार एसएम ट्रेडर्स पिछले करीब एक-दो साल से किराये के परिसर में काम कर रही है और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति करती है। परिसर में ऑक्सीजन भरने का कोई संयंत्र नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑक्सीजन से भरे सिलेंडर गाजियाबाद से आते हैं और स्थानीय कारोबारियों तथा उद्योगों, विशेषकर ओखला क्षेत्र में उनकी आपूर्ति की जाती है।
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पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने कहा कि रोजाना करीब 70-80 सिलिंडर लाने-ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, भंडारण रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल और अन्य दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिलिंडरों के स्वामित्व, आपूर्ति के स्रोत और आपूर्तिकर्ता के अलावा उनके भंडारण, रखरखाव और परिवहन से संबंधित वैधानिक अनुमतियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार विस्फोट के सटीक कारण का अभी पता नहीं चला है। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है और मामले की जांच जारी है।
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दो साल से किराए पर था गोदाम : पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि एसएम ट्रेडर्स पिछले दो वर्ष से किराए के इस परिसर को गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। यहां रिफिलिंग का कोई प्लांट नहीं था। फर्म गाजियाबाद के राम अवतार नामक सप्लायर से भरे हुए आक्सीजन सिलिंडर मंगाती। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल को सील कर दिया है। फोरेंसिक और तकनीकी टीमें धमाके के सटीक कारणों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा, फर्म के लाइसेंस, जीएसटी दस्तावेजों और सिलेंडर भंडारण व परिवहन के मानकों की भी गहन जांच की जा रही है।