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दिल्ली: मौसम बदलते ही अस्पतालों में बढ़े वायरल बुखार के मरीज, सांस के रोगियों को ज्यादा परेशानी; रहें सावधान

Wed, 28 Oct 2026 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 28 Oct 2026 06:05 AM IST
सार

डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खांसी, जुकाम, गले में खराश और बुखार की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।

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Delhi: As the weather changes, hospitals see a rise in viral fever cases
वायरल बुखार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खांसी, जुकाम, गले में खराश और बुखार की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी से पीड़ित मरीजों की सांस संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बताया कि मौसम बदलने पर वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंड बढ़ने के साथ सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की परेशानी भी बढ़ती है। सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ब्रोंकाइटिस में सांस की नलियों में सूजन के कारण बलगम अधिक बनने लगता है, जबकि धूल, परागकण और ठंडी हवा अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकती है।
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बुजुर्ग लगवाएं जरूरी टीके
डॉ. चौहान ने कहा कि सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें चिकित्सकीय सलाह से न्यूमोकोकल और सीजनल इन्फ्लूएंजा के टीके लगवाने चाहिए। ये टीके निमोनिया सहित श्वसन तंत्र के गंभीर संक्रमणों और उनसे होने वाली जटिलताओं का जोखिम कम करने में मदद करते हैं।
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चार से पांच दिन में ठीक हो रहे मरीज
दिल्ली सरकार के दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप डागर ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीजों की ओपीडी में 15 फीसदी तक वृद्धि हुई है। मरीज नाक बहने, गले में खराश और बुखार की शिकायत कर रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। एलर्जिक राइनाइटिस के मरीजों को आंखों में खुजली और पानी आने की समस्या भी हो रही है। वायरल बुखार से उबरने में आमतौर पर चार से पांच दिन लग रहे हैं।


बचाव के लिए बरतें सावधानी
डॉ. डागर ने कहा कि सर्दी बढ़ने और प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर सावधानी जरूरी है। बुजुर्ग सुबह-शाम सैर करने से बचें। जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। बच्चे और बुजुर्ग गर्म कपड़े पहनें, पौष्टिक भोजन लें और पर्याप्त पानी पीते रहें। धूल वाले स्थानों पर जाने से बचें। बाहर से आने के बाद आंखें पानी से धोएं और खांसते-छींकते समय मुंह व नाक ढकें। परेशानी अधिक होने या लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
 

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