सर्राफा बाजार: सोने में गिरावट, दिल्ली में 650 रुपये लुढ़का भाव; वैश्विक संकेतों का असर
दिल्ली में सोने के दाम 650 रुपये गिरे, 10 ग्राम 1,60,250 रुपये पर पहुंचा। कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से बाजार पर दबाव। जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ और आगे क्या होगा।
विस्तार
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सोने के दाम दिल्ली में सोमवार को 650 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गए। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण घरेलू धारणा पर मंदी का रुख हावी रहा। पीली धातु 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को यह 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
हालांकि, चांदी के दाम लगातार दूसरे सत्र में अपरिवर्तित रहे। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही। इसमें सभी कर शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने में गिरावट दर्ज की गई। हाजिर सोना करीब 1 फीसदी गिरकर 4,395.30 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह 35.03 अमेरिकी डॉलर की गिरावट थी। चांदी भी 1 फीसदी गिरकर 65.64 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
सोने में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
लेमनन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने बताया कि सोना दबाव में रहा। उम्मीद से बेहतर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद यह स्थिति बनी। इन आंकड़ों से सितंबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गईं। बाजार अब आगे की नीतिगत संकेतों का इंतजार कर रहा है। इस सप्ताह के उत्पादक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे। ये आंकड़े बाजार को नई दिशा दे सकते हैं।
अमेरिकी आंकड़ों का बाजार पर क्या असर होगा?
बाजार का ध्यान अब प्रमुख अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित हो गया है। ये आंकड़े इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले हैं। इनसे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की दिशा पर नए संकेत मिल सकते हैं। इन संकेतों का बुलियन के भविष्य पर भी प्रभाव पड़ेगा। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से सोने जैसी गैर-लाभकारी संपत्तियों की मांग घट सकती है। निवेशक ऐसी स्थिति में अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की क्या राय है?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि सोमवार को सोना गिरा। यह कमजोर विदेशी संकेतों का अनुसरण करते हुए हुआ। हाजिर कीमतें 4,400 अमेरिकी डॉलर के स्तर के आसपास मंडरा रही थीं। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती भी सोने पर दबाव डाल रही है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने की कीमतों को और प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को इन आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।