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बिहार: ट्रैफिक समस्या के लिए आईआईटी पटना की छात्राओं ने विकसित की एआई तकनीक, प्रतियोगिता में पाया पहला स्थान
Wed, 28 Oct 2026 07:02 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 28 Oct 2026 07:02 AM IST
सार
आईआईटी पटना की छात्राओं कशिश राय, भूमि गर्ग और प्रज्ञा महाजन ने फ्लिपकार्ट ग्रिड 2.0 प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। उनकी टीम ने ‘ग्रिडलॉक ओरेकल’ नामक एआई तकनीक विकसित की, जो यातायात संबंधी घटनाओं का आकलन कर पुलिस बल और संसाधनों की अनावश्यक तैनाती में 86 प्रतिशत तक कमी ला सकती है।
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अतिथियों के साथ आईआईटी पटना की छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना की छात्राओं की टीम ने राष्ट्रीय स्तर की प्रौद्योगिकी एवं नवाचार प्रतियोगिता 'फ्लिपकार्ट ग्रिड 2.0' में पहला स्थान हासिल किया है। छात्राओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एक विशेष तकनीक विकसित करके यातायात नियंत्रण की गंभीर समस्या का हल निकाला है।
ग्रिडलॉक ओरेकल तकनीक की उपलब्धि
टीम ने प्रतियोगिता की थीम 'इवेंट-ड्रिवन ट्रैफिक कंजेशन' के तहत अपना अभिनव समाधान 'ग्रिडलॉक ओरेकल' नाम से प्रस्तुत किया। यह एआई आधारित प्रणाली मुख्य रूप से बेंगलुरु ट्रैफिक कंट्रोल रूम को त्वरित निर्णय लेने में सहायता पहुंचाती है। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित इस हैकाथॉन में आयोजकों ने प्रतिभागियों को यातायात से जुड़ी 8,057 वास्तविक घटनाओं का विस्तृत डाटा सेट उपलब्ध कराया था।
इस हैकाथॉन की मुख्य चुनौती यह थी कि किसी भी अप्रत्याशित घटना की सूचना मिलते ही प्रणाली पहले से सटीक अनुमान लगाए कि उससे सड़क यातायात में कितना गंभीर व्यवधान पैदा हो सकता है या क्या सड़क बंद करने की जरूरत पड़ेगी।
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पुलिस बल की अनावश्यक तैनाती पर रोक
वर्तमान में दुर्घटना या किसी अन्य घटना के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और बैरिकेड्स की तैनाती करनी पड़ती है। पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई बार जरूरत से अधिक संसाधन लगा दिए जाते हैं। इससे पुलिसकर्मियों की तैनाती और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग प्रभावित होता है। आईआईटी पटना की छात्राओं का यह नया मॉडल इसी समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है। 8,057 वास्तविक घटनाओं के डाटा पर आधारित यह प्रणाली सटीक अनुमान लगाती है कि किन घटनाओं में सड़क बंद करने की आवश्यकता होगी और किन स्थानों पर पुलिस बल तैनात करना सबसे अधिक उपयोगी रहेगा।
संसाधनों का प्रभावी और संतुलित उपयोग
मूल्यांकन के दौरान इस एआई आधारित समाधान ने संसाधनों और पुलिस बल की अनावश्यक तैनाती में 86 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की। यह नई तकनीक यातायात नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को समय पर सटीक निर्णय लेने और उपलब्ध पुलिस बल तथा अन्य संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में सीधी मदद प्रदान करेगी। छात्राओं की इस शानदार सफलता ने न केवल आईआईटी पटना का मान बढ़ाया है, बल्कि देश के बड़े शहरों में यातायात प्रबंधन को एक नया और आधुनिक दृष्टिकोण भी दिया है।
विजेता टीम में शामिल
इस विजेता टीम में बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रम की तीसरे वर्ष की छात्राएं कशिश राय, भूमि गर्ग और प्रज्ञा महाजन शामिल हैं। कशिश राय और भूमि गर्ग गणित एवं कंप्यूटिंग विभाग से हैं, जबकि प्रज्ञा महाजन कंप्यूटर साइंस विभाग की छात्रा हैं।
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ग्रिडलॉक ओरेकल तकनीक की उपलब्धि
टीम ने प्रतियोगिता की थीम 'इवेंट-ड्रिवन ट्रैफिक कंजेशन' के तहत अपना अभिनव समाधान 'ग्रिडलॉक ओरेकल' नाम से प्रस्तुत किया। यह एआई आधारित प्रणाली मुख्य रूप से बेंगलुरु ट्रैफिक कंट्रोल रूम को त्वरित निर्णय लेने में सहायता पहुंचाती है। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित इस हैकाथॉन में आयोजकों ने प्रतिभागियों को यातायात से जुड़ी 8,057 वास्तविक घटनाओं का विस्तृत डाटा सेट उपलब्ध कराया था।
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इस हैकाथॉन की मुख्य चुनौती यह थी कि किसी भी अप्रत्याशित घटना की सूचना मिलते ही प्रणाली पहले से सटीक अनुमान लगाए कि उससे सड़क यातायात में कितना गंभीर व्यवधान पैदा हो सकता है या क्या सड़क बंद करने की जरूरत पड़ेगी।
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पुलिस बल की अनावश्यक तैनाती पर रोक
वर्तमान में दुर्घटना या किसी अन्य घटना के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और बैरिकेड्स की तैनाती करनी पड़ती है। पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई बार जरूरत से अधिक संसाधन लगा दिए जाते हैं। इससे पुलिसकर्मियों की तैनाती और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग प्रभावित होता है। आईआईटी पटना की छात्राओं का यह नया मॉडल इसी समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है। 8,057 वास्तविक घटनाओं के डाटा पर आधारित यह प्रणाली सटीक अनुमान लगाती है कि किन घटनाओं में सड़क बंद करने की आवश्यकता होगी और किन स्थानों पर पुलिस बल तैनात करना सबसे अधिक उपयोगी रहेगा।
संसाधनों का प्रभावी और संतुलित उपयोग
मूल्यांकन के दौरान इस एआई आधारित समाधान ने संसाधनों और पुलिस बल की अनावश्यक तैनाती में 86 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की। यह नई तकनीक यातायात नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को समय पर सटीक निर्णय लेने और उपलब्ध पुलिस बल तथा अन्य संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में सीधी मदद प्रदान करेगी। छात्राओं की इस शानदार सफलता ने न केवल आईआईटी पटना का मान बढ़ाया है, बल्कि देश के बड़े शहरों में यातायात प्रबंधन को एक नया और आधुनिक दृष्टिकोण भी दिया है।
विजेता टीम में शामिल
इस विजेता टीम में बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रम की तीसरे वर्ष की छात्राएं कशिश राय, भूमि गर्ग और प्रज्ञा महाजन शामिल हैं। कशिश राय और भूमि गर्ग गणित एवं कंप्यूटिंग विभाग से हैं, जबकि प्रज्ञा महाजन कंप्यूटर साइंस विभाग की छात्रा हैं।