सिविल लाइंस में ज्यादा उत्पात
स्मार्ट सिटी के कर्मचारियों के मुताबिक, बंदरों का आतंक सिविल लाइंस इलाके में सबसे ज्यादा है। कमिश्नरी के पास कई जगह बंदरों ने कैमरे पलट दिए हैं, जिससे उनका फोकस बिगड़ गया। नावल्टी चौराहे के पास घने तारों से होकर बंदर कैमरे के पोल पर चढ़ जाते हैं और तार को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। प्रेमनगर, राजेंद्रनगर, जीजीआईसी के आसपास से भी इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं।
आईसीसीसी के पास 1200 कैमरों का एक्सेस
नोडल अधिकारी एसपी यातायात अकमल खान के मुताबिक, आईसीसीसी टीम के पास शहर में लगे 1200 सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस है, जिनके जरिये 24 घंटे निगरानी की जाती है। कई नागरिकों व व्यापारियों के कैमरों का एक्सेस टीम के पास है।
अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए एजेंसी का चयन हो गया है, वर्क ऑर्डर जारी होते ही बंदरों को पकड़ने का काम शुरू होगा।
कैमरों की मदद से माहभर में 10 चोरियों का खुलासा
शहर में लगे कैमरों की मदद से पुलिस कई घटनाओं का खुलासा कर चुकी है। नोडल अधिकारी एसपी यातायात मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि आईसीसीसी की टीम ने सितंबर में 10 चोरियों, एक लूट, एक छिनैती, एक गोकशी, एक एक्सीडेंट व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के एक मामले के खुलासे में पुलिस का सहयोग किया है।
टीम ने गोसाई गौटिया के देवदत्त मौर्य का बैग, बहारनगला निवासी महिपाल का छाता, कपड़े, चार्जर मोबाइल फोन, भोजीपुरा निवासी अर्जुन का स्पीकर व टैबलेट, पीलीभीत के जहानाबाद निवासी यूनिस का मोबाइल फोन, बहजोई निवासी यथार्थ, चितुपुरा भगवानपुर निवासी वंश पटेल, बदायूं के कुंवरगांव निवासी सचिन, बानखाना निवासी अभिषेक, सिविल एयरपोर्ट निवासी उवैस के बैग बरामद कराने में मदद की। यही वजह है कि कैमरों का सही एंगल और निर्बाध लाइव फीड चालू रहना सुरक्षा तंत्र के लिए बेहद जरूरी है।