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हिमाचल प्रदेश: 19 साल पढ़ाया, विदाई आई तो गुरुजी से लिपटकर रो पड़े नौनिहाल, देखें वीडियो

Sat, 17 Oct 2026 01:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, चंबा।

सार

 राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला (जीसीपीएस) मांजू में पिछले 19 वर्षों से सेवाएं दे रहे अध्यापक नरेंद्र खन्ना का तबादला होने पर विद्यार्थी अपने आंसू नहीं रोक पाए। 
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गुरु का तबादला होने पर भावुक हुए विद्यार्थी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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स्कूल की कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हुए 19 साल कब बीत गए, शायद शिक्षक नरेंद्र खन्ना को भी इसका अहसास नहीं हुआ होगा, लेकिन जब मांजू स्कूल से विदा होने का समय आया तो विद्यार्थियों के आंसुओं ने उनके साथ बिताए वर्षों की कहानी बयां कर दी। कोई गुरुजी से लिपटकर रो पड़ा तो किसी की आंखें उन्हें जाते देख नम हो गईं। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र की जसौरगढ़ पंचायत के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला (जीसीपीएस) मांजू में विदाई का यह पल गुरु-शिष्य के रिश्ते की गहराई दिखा गया।

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19 वर्षों तक कनिष्ठ अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं
नरेंद्र खन्ना ने इस पाठशाला में 19 वर्षों तक कनिष्ठ अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने न जाने कितने बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के साथ उनके भविष्य की नींव मजबूत करने में योगदान दिया। लंबे समय तक एक ही विद्यालय में रहने से विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव बन गया। ऐसे में उनके तबादले की खबर बच्चों के लिए भावुक कर देने वाली रही। विदाई के दौरान विद्यार्थियों का स्नेह देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।

आज का दिन उन्हें जिंदगीभर याद रहेगा: नरेंद्र खन्ना
अध्यापक नरेंद्र खन्ना ने भावुक संदेश में कहा कि आज का दिन उन्हें जिंदगीभर याद रहेगा। मांजू गांव के लोगों से मिले अपार प्यार, स्नेह और आशीर्वाद को वह हमेशा संजोकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पाठशाला के लिए जो सहयोग दिया, वह किसी से छिपा नहीं है। गांववासियों के साथ स्कूल के बच्चों का निस्वार्थ स्नेह उन्हें जीवनभर याद रहेगा।
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जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ तबादला
नरेंद्र का स्थानांतरण जीसीपीएस मांजू से जीसीपीएस जसौरगढ़ में हुआ है। उन्होंने कहा कि मांजू में बिताए 19 साल उनके जीवन की अनमोल यादों में शामिल रहेंगे। गांववासियों से मिला प्यार, स्नेह और आशीर्वाद वह हमेशा याद रखेंगे। पाठशाला के लिए ग्रामीणों की ओर से मिले सहयोग और बच्चों के निस्वार्थ प्रेम को कभी नहीं भूल पाएंगे।
 
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