दिल्ली पुलिस की ओर से मंगलवार देर शाम जारी एक अधिकारिक बयान में कहा है कि इंडिया गठबंधन के निर्वाचन आयोग की ओर किए गए प्रस्तावित मार्च की जानकारी पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई थी। पुलिस को पता लगा कि गठबंधन की ओर से 6 अक्तूबर को सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन से निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के कार्यालय की ओर मार्च निकाला जाएगा। दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि मार्च के आयोजन के संबंध में अनुमति हेतु कोई आवेदन उपायुक्त पुलिस, नई दिल्ली जिला के कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया था। अतः उक्त प्रस्तावित मार्च के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई थी।
प्रस्तावित जमावड़े तथा नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के अंतर्गत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने बताया कि मार्च करीब सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए पहले बैरिकेड को तोड़ा और आगे बढ़ते हुए नीति आयोग के निकट लगाए गए दूसरे बैरिकेड तक पहुंच गए। पुलिस द्वारा बार-बार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को धारा 163 बीएनएसएस के तहत लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी गई। उनसे शांतिपूर्वक वापस जाने की अपील की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया और वहां बने रहे।
पुलिस ने हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस का कहना है कि वैध निर्देशों की लगातार अवहेलना तथा स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा कानून के अनुसार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। 10 सांसदों समेत करीब 260 प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में ले जाया गया। उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आकाशवाणी भवन खाली कराया गया
प्रदर्शनकारी व सांसदों को हिरासत में लेने के बाद अधिकांश अन्य प्रदर्शनकारी वहां से चले गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, मनीष छत्रथ और करीब 50-60 समर्थक बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर वहां बैठ गए। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद राहुल गांधी ने आकाशवाणी परिसर से बाहर जाने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से मिलने का समय नहीं दिया जाता, तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। इस कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाया गया और उन्हें हिरासत में लेकर अलग-अलग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई में कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली में पर्याप्त सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने लोगों ने अपील की है कि प्रदर्शन से संबंधित सभी लोग शांति बनाए रखें और पुलिस द्वारा दिए गए वैध निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने आकाशवाणी भवन से राहुल गांधी को हटाने के बाद मंगलवार रात करीब 9 बजे सभी रास्ते लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिए थे।