जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
नोएडावासियों ने महसूस किए भूकंप के झटके
शहरवासियों ने मंगलवार की देर शाम करीब 10:30 के करीब भूकंप के झटके महसूस किए। जहां लोगों ने अपने रिएक्शन सोशल मीडिया पर दिये। सेक्टर 122 निवासी भूषण शर्मा ने बताया कि तीव्रता काफी कम थी और सिर्फ कुछ सेकेंड ही रहा, इसलिए लोगों में ज्यादा दहशत नहीं रही। लेकिन एक पल के लिए लगा कि सब अचानक से हिल रहा है। तब वह बच्चों के साथ घर पर खाना खा रहे थे। डाइनिंग टेबल में रखा सामान हिलने लगा। वहीं सेक्टर 122 निवासी निवेदिता ने बताया कि वह अपने बेड पर आराम कर रहीं थी, तभी अचानक से बेड हिलने लगा। इससे उन्हें महसूस हुआ कि भूकंप आया है।
मुरादाबाद में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घरों से निकलकर खुले में पहुंचे
मंगलवार रात भूकंप के झटकों से मुरादाबाद में लोग सहम गए। अचानक धरती हिलने का अहसास होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर पहुंच गए। भूकंप की तीव्रता 4.9 बताई गई है। इसका केंद्र उत्तराखंड के चमोली में जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे बताया गया है। रात में अचानक भूकंप के झटके महसूस होने से लोग घबरा गए। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर तक लोगों में भूकंप को लेकर चर्चा होती रही। आसपास के जिलों में भी झटके महसूस किए जाने की सूचना है।