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कौन बनेगा UN का अगला प्रमुख?: तुर्किये ने पूर्व विदेश मंत्री को उतारा, अमेरिका-रूस समेत 5 देशों की अहम भूमिका

Sat, 31 Oct 2026 03:41 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 31 Oct 2026 03:41 PM IST
सार

तुर्किये ने संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव पद के लिए पूर्व विदेश मंत्री फेरिदुन सिनिरलियोग्लू को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। लेकिन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की भूमिका और दूसरे देशों की संभावित आपत्तियों के बीच उनकी राह कितनी आसान होगी? आइए, जानते हैं...

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Turkiye Nominates Former Foreign Minister Feridun Sinirlioglu for Next UN Secretary-General
कौन बनेगा UN का अगला प्रमुख? - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र (UN) के अगले महासचिव पद की दौड़ में तुर्किये ने अपने पूर्व विदेश मंत्री फेरिदुन सिनिरलियोग्लू का नाम आगे बढ़ाया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, तुर्किये ने शनिवार को आधिकारिक रूप से उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस कदम को तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन का समर्थन हासिल है।

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सिनिरलियोग्लू 70 साल के हैं। वह 2015 में कुछ महीनों तक तुर्किये के विदेश मंत्री रहे थे। इसके बाद 2016 से 2023 तक उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में तुर्किये के राजदूत के तौर पर काम किया। फिलहाल वह वियना स्थित यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) के महासचिव हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल दिसंबर 2027 में खत्म होना है।

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एंटोनियो गुटेरेस की जगह लेने की दौड़
संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस करीब 10 साल से इस पद पर हैं। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद नए महासचिव की नियुक्ति होगी। इस समय संयुक्त राष्ट्र पर सुधार करने का दबाव है। ईरान, यूक्रेन और गाजा में जारी संघर्षों के बीच संगठन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। इसके अलावा, आर्थिक संकट के कारण मानवीय सहायता और विकास कार्यक्रमों में कटौती करनी पड़ी है।
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कैसे चुना जाएगा अगला महासचिव?
संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चयन में 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की अहम भूमिका होगी। इसके पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस हैं। इन पांचों देशों के पास वीटो का अधिकार है। सुरक्षा परिषद की सिफारिश के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्य देशों को अंतिम मंजूरी देनी होगी।

सिनिरलियोग्लू के सामने क्या होंगी चुनौतियां?
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करते रहे हैं। वह पांच स्थायी सदस्यों के प्रभुत्व की आलोचना करते हैं। ऐसे में सिनिरलियोग्लू की उम्मीदवारी को इस एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, उनकी राह आसान नहीं होगी। तुर्किये के पड़ोसी देश ग्रीस के विरोध की आशंका है, जो सुरक्षा परिषद का निर्वाचित सदस्य है। इसके अलावा, इजरायल की ओर से भी आपत्ति आने की संभावना जताई गई है।


गुटेरेस की जगह लेने के लिए सिनिरलियोग्लू समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं। खबर के मुताबिक, सात अन्य उम्मीदवार भी इस पद की दौड़ में हैं। संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष पद के लिए क्षेत्रीय बारी-बारी की अनौपचारिक परंपरा के तहत लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के किसी उम्मीदवार को भी मौका मिल सकता है।

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