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पाकिस्तान ने ईरान से व्यापार क्यों रोका: दो सीमा चौकियां बंद, एलपीजी की सप्लाई पर क्या होगा असर?
Sun, 18 Oct 2026 08:53 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कराची।
पीटीआई, कराची।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 18 Oct 2026 08:53 PM IST
सार
पाकिस्तान ने सुरक्षा चिंताओं और तस्करी रोकने के लिए ईरान से जुड़ी गबद-रिमदान और तफ्तान सीमा चौकियों पर व्यापार अस्थायी रूप से बंद किया है। ईरान ने इस कदम की वजह तकनीकी समस्या बताई है और दोनों देश सामान्य कामकाज बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। सीमा पर सैकड़ों मालवाहक वाहन फंसे होने की खबर है, जबकि गबद-रिमदान मार्ग बंद रहने से पाकिस्तान में एलपीजी की आपूर्ति और कीमतें प्रभावित होने का खतरा है।
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क्या पाकिस्तान ने ईरान को दिया धोखा?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पाकिस्तान ने अपने बलूचिस्तान प्रांत में ईरान से जुड़ी दो प्रमुख सीमा चौकियों पर व्यापार अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इनमें गबद-रिमदान और तफ्तान सीमा चौकियां शामिल हैं। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया मामलों के सलाहकार शाहिद रिंद ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी।
पाकिस्तान ने इस फैसले के पीछे क्या वजह बताई?
पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार, इस कदम का मकसद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना, तस्करी पर रोक लगाना और दोनों ओर प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सीमा चौकियों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
ईरान ने क्या कहा?
पाकिस्तान ने सुरक्षा और तस्करी से जुड़ी चिंताओं को फैसले की वजह बताया है, जबकि ईरान ने इसे तकनीकी समस्या से जुड़ा मामला बताया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सीमा चौकियों को बंद किए जाने को अस्थायी कदम बताया। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निकालने और सामान्य कामकाज बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। पाकिस्तान के अधिकारी शाहिद रिंद ने भी कहा कि सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने के लिए चर्चा की जा रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार दोबारा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
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सीमा पर व्यापार रुकने से क्या असर पड़ा?
क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (क्यूसीसीआई) के मुताबिक, पाकिस्तान और ईरान के बीच सभी सीमा चौकियों पर व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। संगठन ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले व्यापारियों को अगले आदेश तक नए आयात और निर्यात के ऑर्डर नहीं देने की सलाह दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, एलपीजी, चावल, ताजे फल और जरूरी सामान लेकर सैकड़ों मालवाहक वाहन सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं। हालांकि, ईरान की समाचार एजेंसी वाना ने बताया कि रिमदान-गबद सीमा चौकी से यात्रियों की आवाजाही जारी है, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां रोक दी गई हैं।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में 200 साल पुराने मंदिर पर संकट: गिराने की हो रही कोशिश; विरोध के बाद सील क्यों हुआ रामलीला मंदिर?
पाकिस्तान के लिए गबद-रिमदान सीमा चौकी अहम क्यों?
अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, गबद-रिमदान सीमा चौकी पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। इस मार्ग से हर दिन 4,000 टन से अधिक एलपीजी का आयात होता है। ऐसे में व्यापारिक गतिविधियां लंबे समय तक बंद रहने पर पाकिस्तान में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और खुले बाजार में इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत और ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के बीच करीब 909 किलोमीटर लंबी सीमा है। दोनों देशों के बीच तफ्तान-मिरजावेह, गबद-रिमदान, मंद और चागई सहित चार आधिकारिक सीमा चौकियां हैं। फिलहाल, पाकिस्तान के क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सभी सीमा चौकियों पर व्यापार प्रभावित होने की बात कही है।
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पाकिस्तान ने इस फैसले के पीछे क्या वजह बताई?
पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार, इस कदम का मकसद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना, तस्करी पर रोक लगाना और दोनों ओर प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सीमा चौकियों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
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ईरान ने क्या कहा?
पाकिस्तान ने सुरक्षा और तस्करी से जुड़ी चिंताओं को फैसले की वजह बताया है, जबकि ईरान ने इसे तकनीकी समस्या से जुड़ा मामला बताया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सीमा चौकियों को बंद किए जाने को अस्थायी कदम बताया। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निकालने और सामान्य कामकाज बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। पाकिस्तान के अधिकारी शाहिद रिंद ने भी कहा कि सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने के लिए चर्चा की जा रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार दोबारा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
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सीमा पर व्यापार रुकने से क्या असर पड़ा?
क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (क्यूसीसीआई) के मुताबिक, पाकिस्तान और ईरान के बीच सभी सीमा चौकियों पर व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। संगठन ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले व्यापारियों को अगले आदेश तक नए आयात और निर्यात के ऑर्डर नहीं देने की सलाह दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, एलपीजी, चावल, ताजे फल और जरूरी सामान लेकर सैकड़ों मालवाहक वाहन सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं। हालांकि, ईरान की समाचार एजेंसी वाना ने बताया कि रिमदान-गबद सीमा चौकी से यात्रियों की आवाजाही जारी है, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां रोक दी गई हैं।
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पाकिस्तान के लिए गबद-रिमदान सीमा चौकी अहम क्यों?
अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, गबद-रिमदान सीमा चौकी पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। इस मार्ग से हर दिन 4,000 टन से अधिक एलपीजी का आयात होता है। ऐसे में व्यापारिक गतिविधियां लंबे समय तक बंद रहने पर पाकिस्तान में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और खुले बाजार में इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत और ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के बीच करीब 909 किलोमीटर लंबी सीमा है। दोनों देशों के बीच तफ्तान-मिरजावेह, गबद-रिमदान, मंद और चागई सहित चार आधिकारिक सीमा चौकियां हैं। फिलहाल, पाकिस्तान के क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सभी सीमा चौकियों पर व्यापार प्रभावित होने की बात कही है।