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14 भारतीयों से भरी नाव को किसने बनाया निशाना?: हूती विद्रोहियों ने किया बड़ा दावा, सऊदी पर क्या आरोप लगे?
Thu, 22 Oct 2026 04:32 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सना
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 22 Oct 2026 04:32 PM IST
सार
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि लाल सागर में जूकर द्वीप के पास सऊदी अरब ने 14 भारतीयों से भरी नाव को निशाना बनाया। हूती विद्रोहियों के मुताबिक, सभी भारतीयों को बचा लिया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले सऊदी अरब में हमलों में एक भारतीय की मौत हुई थी। क्या सभी 14 भारतीय सुरक्षित हैं? हमले के दावे की पुष्टि कब होगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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लाल सागर में भारतीयों से भरी नाव पर क्या हुआ?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 14 भारतीय नागरिकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीजीटीएन मीडिया के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि लाल सागर में जूकर द्वीप के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव को सऊदी अरब ने निशाना बनाया। उनके मुताबिक, नाव पर सवार सभी 14 भारतीयों को यमनी सशस्त्र बलों ने बचा लिया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है।
लाल सागर में भारतीयों से भरी नाव पर क्या हुआ?
हूती विद्रोहियों ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने जूकर द्वीप के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव को निशाना बनाया। उनके अनुसार, शुरुआती जानकारी में नाव पर 14 भारतीयों के सवार होने की बात सामने आई। हूती विद्रोहियों ने इस कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यमनी सशस्त्र बलों ने भारतीय नागरिकों को बचा लिया है और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी। हालांकि, नाव पर हमले की परिस्थितियों, भारतीय नागरिकों की स्थिति और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या सभी 14 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया?
हूती विद्रोहियों के बयान में कहा गया है कि यमनी सशस्त्र बलों ने नाव पर सवार भारतीयों को बचा लिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सभी 14 भारतीयों की स्थिति कैसी है और उन्हें कहां पहुंचाया गया है। घटना में किसी भारतीय के घायल होने या मारे जाने की भी जानकारी नहीं दी गई है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि इस मामले में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। इसलिए फिलहाल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हूती विद्रोहियों के दावे और स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। लाल सागर में यह घटनाक्रम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
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सऊदी अरब में भारतीयों के हताहत होने की दूसरी घटना क्या है?
इससे पहले सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा, शायबा तेल क्षेत्र में एक अन्य भारतीय नागरिक घायल हुआ था। भारत ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर 21 अक्तूबर को किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में नागरिकों की मौत हुई और लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर बना दिया है।
यमन में हूती विद्रोहियों के समर्थन में रैलियों को लेकर क्या चेतावनी दी गई?
यमन के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाकों में उनके समर्थन में आयोजित रैलियों को वैध सैन्य निशाना माना जा सकता है। इस चेतावनी से आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे हालात में राजनीतिक समर्थन दिखाने के लिए आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल लोगों के सामने भी खतरा पैदा हो सकता है। दूसरी ओर, लाल सागर में भारतीय नागरिकों से जुड़ी नाव पर हमले का हूती विद्रोहियों का दावा क्षेत्र में बढ़ते टकराव की गंभीरता को दिखाता है। हालांकि, इस घटना में सऊदी अरब की भूमिका और नाव पर हमले के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों का क्या संबंध है?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि गुरुवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों में आग लग गई या उन्हें नुकसान पहुंचा। ईरान के मुताबिक, जहाजों को निशाना बनाया गया या वे समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराए। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद एक दिन में प्रभावित जहाजों की यह सबसे बड़ी संख्या होगी। लाल सागर में भारतीय नागरिकों से जुड़ी घटना और होर्मुज में जहाजों को नुकसान पहुंचने के दावे के बीच पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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लाल सागर में भारतीयों से भरी नाव पर क्या हुआ?
हूती विद्रोहियों ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने जूकर द्वीप के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव को निशाना बनाया। उनके अनुसार, शुरुआती जानकारी में नाव पर 14 भारतीयों के सवार होने की बात सामने आई। हूती विद्रोहियों ने इस कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यमनी सशस्त्र बलों ने भारतीय नागरिकों को बचा लिया है और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी। हालांकि, नाव पर हमले की परिस्थितियों, भारतीय नागरिकों की स्थिति और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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क्या सभी 14 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया?
हूती विद्रोहियों के बयान में कहा गया है कि यमनी सशस्त्र बलों ने नाव पर सवार भारतीयों को बचा लिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सभी 14 भारतीयों की स्थिति कैसी है और उन्हें कहां पहुंचाया गया है। घटना में किसी भारतीय के घायल होने या मारे जाने की भी जानकारी नहीं दी गई है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि इस मामले में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। इसलिए फिलहाल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हूती विद्रोहियों के दावे और स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। लाल सागर में यह घटनाक्रम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
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सऊदी अरब में भारतीयों के हताहत होने की दूसरी घटना क्या है?
इससे पहले सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा, शायबा तेल क्षेत्र में एक अन्य भारतीय नागरिक घायल हुआ था। भारत ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर 21 अक्तूबर को किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरामको के शायबा तेल क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में नागरिकों की मौत हुई और लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर बना दिया है।
यमन में हूती विद्रोहियों के समर्थन में रैलियों को लेकर क्या चेतावनी दी गई?
यमन के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाकों में उनके समर्थन में आयोजित रैलियों को वैध सैन्य निशाना माना जा सकता है। इस चेतावनी से आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे हालात में राजनीतिक समर्थन दिखाने के लिए आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल लोगों के सामने भी खतरा पैदा हो सकता है। दूसरी ओर, लाल सागर में भारतीय नागरिकों से जुड़ी नाव पर हमले का हूती विद्रोहियों का दावा क्षेत्र में बढ़ते टकराव की गंभीरता को दिखाता है। हालांकि, इस घटना में सऊदी अरब की भूमिका और नाव पर हमले के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों का क्या संबंध है?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि गुरुवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों में आग लग गई या उन्हें नुकसान पहुंचा। ईरान के मुताबिक, जहाजों को निशाना बनाया गया या वे समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराए। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद एक दिन में प्रभावित जहाजों की यह सबसे बड़ी संख्या होगी। लाल सागर में भारतीय नागरिकों से जुड़ी घटना और होर्मुज में जहाजों को नुकसान पहुंचने के दावे के बीच पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।