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Death toll rising rapidly in Nepal following flash floods; number of fatalities crosses 600.
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नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा 600 के पार पहुंची मृतकी की संख्या
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:03 AM IST
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नेपाल में आई आकस्मिक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। अस्पतालों के बाहर अपनों की तस्वीरें चिपकाए परिजन, मलबे और कीचड़ में जरूरी सामान तलाशते परिवार, टूटी इमारतों के बीच बच्चों को गोद में लिए बेबस माताएं और सड़कों पर बिखरा मलबा इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता को बयां कर रहा है। बुधवार को अचानक आए पानी, कीचड़ और मलबे के तेज बहाव ने नेपाल और तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में बड़े पैमाने पर विनाश किया। बाढ़ की चपेट में बस्तियां, वाहन, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं तक आ गईं। शनिवार तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या 600 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव एजेंसियों ने अब तक करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाली सेना के 5,000 से अधिक जवानों समेत 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। दुर्गम इलाकों में मलबा हटाने और फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऊपरी त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे करीब 350 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन कई अन्य लोगों के मलबे और कीचड़ में दबे होने की आशंका के चलते तलाश अभियान जारी है। इस बीच सबसे बड़ी चिंता मुंबई से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 61 श्रद्धालुओं को लेकर बनी हुई है। प्रसिद्ध ट्रैकर डॉ. मिलिंद चितले के नेतृत्व में यह दल 23 अगस्त को यात्रा के लिए रवाना हुआ था।
बताया जा रहा है कि दल 25 अगस्त की शाम नेपाल के टिमुरे इलाके में पहुंचा था। इसके बाद से ही परिजनों का श्रद्धालुओं से संपर्क टूट गया। कुछ सदस्यों की आखिरी डिजिटल लोकेशन 26 अगस्त की सुबह सीमा चौकी के आसपास दर्ज हुई थी। उसके बाद मोबाइल फोन बंद होने या संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन सरकार और प्रशासन से अपने प्रियजनों की सुरक्षित जानकारी उपलब्ध कराने तथा उन्हें जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगा रहे हैं। नेपाल में जारी राहत अभियान के बीच बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह आपदा एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और मलबे का बहाव कितनी तेजी से बड़े पैमाने पर जनजीवन को तबाह कर सकता है।
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