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जालंधर में दुष्कर्म केस को लेकर गरमाया विवाद, सिख संगठन ने एसजीपीसी अध्यक्ष धामी से पूछे सवाल
जालंधर में एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज कथित दुष्कर्म मामले को लेकर अलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी से सवाल किए। संगठन के नेताओं ने कहा कि आनंदपुर साहिब में दर्ज एफआईआर को करीब एक महीना बीतने के बावजूद एसजीपीसी की ओर से मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। संगठन के नेताओं के अनुसार, बहरीन से आई एक महिला ने पुलिस को दिए बयान में अमरजीत सिंह चावला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उसे अलग-अलग सराय/कमरों में ले जाकर कथित तौर पर बंधक बनाया गया और कई बार दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद एक सेवादार ने उसे अस्पताल पहुंचाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के नेता सुखदेव सिंह फगवाड़ा ने कहा कि महिला के पुलिस को दिए बयानों और एक राजनीतिक दल के नेता द्वारा मीडिया में जारी किए गए वीडियो के आधार पर महिला ने चावला पर लंबे समय तक कथित शोषण के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि एफआईआर दर्ज होने के करीब एक महीने बाद भी एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की ओर से इस मामले पर स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को लेकर कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया पर भी संगठन सवाल उठा रहा है।
संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले को जल्द समाप्त करने की कोशिश के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। नेताओं ने कहा कि मामला केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सिख धार्मिक संस्थाओं और एसजीपीसी की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है।
परमपाल सिंह सभरा ने कहा कि मामले से एसजीपीसी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है और अध्यक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि संस्था की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने एसजीपीसी के इतिहास का हवाला देते हुए मौजूदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
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