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पंजाब की सियासत में मालवा के बड़े सियासी घराने, 2027 में विरासत बचाने की चुनौती
Video Desk Amar Ujala Dot Com
Published by: Chandra Prakash Neeraj
Updated Tue, 01 Sep 2026 02:16 PM IST
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पंजाब के राजनीतिक इतिहास में मालवा क्षेत्र का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। इस भूमि से प्रकाश सिंह बादल, सुरजीत सिंह बरनाला, बेअंत सिंह, हरचरण सिंह बराड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीबी राजेंद्र कौर भट्ठल जैसे छह प्रमुख नेता उभरे। दशकों तक राज्य की राजनीति को आकार देने वाले इन स्थापित घरानों के सामने अब अपनी सियासी साख पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को मुख्यधारा में स्थापित करने की चुनौती है। प्रकाश सिंह बादल पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री बने, लेकिन 2022 के चुनाव में लंबी विधानसभा सीट से उन्हें असफलता मिली। उनके निधन के बाद पुत्र सुखबीर सिंह बादल व सांसद हरसिमरत कौर बादल परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। सुरजीत सिंह बरनाला ने लोकतांत्रिक मूल्यों की पैरवी की, उनके पुत्र गगनजीत सिंह बरनाला व पौत्र जनसेवा की राजनीति जीवित रखने को संघर्षरत हैं।
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