टीकमगढ़ जिले के सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय के सामने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। निरीक्षण के दौरान केंद्र में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) रितु अहिरवार एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर तक नहीं ले पाईं। स्थिति देखकर कलेक्टर ने स्वयं CHO को BP जांचने की प्रक्रिया समझाई और मौके पर ही उन्हें ब्लड प्रेशर लेना सिखाया।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान CHO से उनकी शैक्षणिक योग्यता और संबंधित डिग्री के बारे में भी जानकारी ली। स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद व्यवस्थाओं को देखने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर के सामने ही CHO का महिला मरीज का BP नहीं ले पाना चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों ने अस्पताल नियमित नहीं खुलने की शिकायत की
निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कलेक्टर से उप स्वास्थ्य केंद्र के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायत की। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल समय पर नहीं खुलने के कारण उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। कई बार छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए भी उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कलेक्टर के सामने रखी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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लापरवाही पर नोटिस की तैयारी
कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय ने उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार करने और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने CHO की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई और लापरवाही के मामले में उन्हें नोटिस जारी करने की बात कही। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हों। इसके अलावा कलेक्टर ने क्षेत्र की राशन दुकान और आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, हितग्राहियों को मिल रही सुविधाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।