मां की पीठ पर बैठकर स्कूल जाने को मजबूर 12वीं कक्षा के दिव्यांग छात्र राजकुमार जायसवाल की परेशानी आखिरकार दूर हो गई। अमर उजाला में 7 सितंबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और शुक्रवार को राजकुमार को मोटराइज्ड साइकिल उपलब्ध कराई। साइकिल मिलते ही राजकुमार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
जैतपुर क्षेत्र के दरशिला गांव निवासी राजकुमार दिव्यांग है और गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर स्कूल में पढ़ाई करता है। अब तक उसकी मां फूल कुमारी उसे अपनी पीठ पर बैठाकर बस तक ले जाती थीं। स्कूल पहुंचने के बाद भी मां ही उसे कक्षा तक पहुंचाती थीं। करीब दो साल से मां-बेटे इसी परेशानी से जूझ रहे थे।
राजकुमार के मां की पीठ पर बैठकर स्कूल जाने की तस्वीर अमर उजाला तक पहुंची थी। इसके बाद अमर उजाला की टीम ने मामले की जानकारी जुटाई और छात्र व उसके परिवार की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद अन्य मीडिया संस्थानों ने भी राजकुमार की परेशानी को सामने रखा।
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राजकुमार और उसकी मां फूल कुमारी ने बताया कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों के फोन आने लगे। बुढ़ार जनपद सीईओ सहित कई अधिकारियों और मीडियाकर्मियों ने उनसे संपर्क कर मदद का भरोसा दिया। फूल कुमारी ने बताया कि वे करीब दो साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता था।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने राजकुमार को मोटराइज्ड साइकिल प्रदान की। प्रशासन ने राजकुमार के लिए हॉस्टल में केयर टेकर के साथ रहने की व्यवस्था और बस में नि:शुल्क यात्रा पास दिलाने का भी आश्वासन दिया है।
साइकिल मिलने के बाद राजकुमार ने उसे गले लगाया और चूम लिया। उसके लिए यह सिर्फ एक साइकिल नहीं, बल्कि पढ़ाई और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता एक बड़ा कदम है। जिस मां की पीठ अब तक बेटे का सहारा थी, अब मोटराइज्ड साइकिल उसके सपनों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। राजकुमार और उसकी मां फूल कुमारी ने इस मदद के लिए अमर उजाला का दिल से धन्यवाद दिया।