शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चतुर्भटा गांव में आस्था और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां ग्रामीणों ने देहार नदी के बीच प्लास्टिक की टंकियों को नाव के रूप में उपयोग कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की बेहद आकर्षक झांकी सजाई है। पानी में तैरती इन अलौकिक झांकियों के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नौ स्वरूपों के साथ सजी मनमोहक गुफा
झांकी में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूप विराजमान किए गए हैं। नदी किनारे स्थित विशाल पीपल के पेड़ के पास मां दुर्गा की मुख्य प्रतिमा स्थापित है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों द्वारा तैयार की गई एक कलात्मक गुफा इस पूरी झांकी की सुंदरता में चार चांद लगा रही है।
युवाओं की सोच ने किया कमाल
समिति के सदस्य इंदर बजाज ने बताया कि गांव में पिछले नौ वर्षों से ग्रामीण मिलकर माता रानी की स्थापना करते आ रहे हैं। इस बार गांव के युवाओं ने कुछ नया और रचनात्मक करने का विचार किया। इसके तहत देहार नदी के बीच प्लास्टिक की टंकियों को आपस में जोड़कर नाव की तरह इस्तेमाल किया गया और उस पर नौ देवियों की झांकी तैयार की गई। युवाओं की इस अनूठी मेहनत और रचनात्मक सोच से तैयार यह जल-झांकी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। नवरात्रि पर्व के दौरान चतुर्भटा गांव में आयोजित हो रहे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा ग्रामीण अंचल भक्तिमय माहौल में सराबोर है।(सागर)।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चतुर्भटा गांव में आस्था और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां ग्रामीणों ने देहार नदी के बीच प्लास्टिक की टंकियों को नाव के रूप में उपयोग कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की बेहद आकर्षक झांकी सजाई है। पानी में तैरती इन अलौकिक झांकियों के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नौ स्वरूपों के साथ सजी मनमोहक गुफा
झांकी में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूप विराजमान किए गए हैं। नदी किनारे स्थित विशाल पीपल के पेड़ के पास मां दुर्गा की मुख्य प्रतिमा स्थापित है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों द्वारा तैयार की गई एक कलात्मक गुफा इस पूरी झांकी की सुंदरता में चार चांद लगा रही है।
युवाओं की सोच ने किया कमाल
समिति के सदस्य इंदर बजाज ने बताया कि गांव में पिछले नौ वर्षों से ग्रामीण मिलकर माता रानी की स्थापना करते आ रहे हैं। इस बार गांव के युवाओं ने कुछ नया और रचनात्मक करने का विचार किया। इसके तहत देहार नदी के बीच प्लास्टिक की टंकियों को आपस में जोड़कर नाव की तरह इस्तेमाल किया गया और उस पर नौ देवियों की झांकी तैयार की गई। युवाओं की इस अनूठी मेहनत और रचनात्मक सोच से तैयार यह जल-झांकी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। नवरात्रि पर्व के दौरान चतुर्भटा गांव में आयोजित हो रहे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा ग्रामीण अंचल भक्तिमय माहौल में सराबोर है।