खंडवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को रेलवे मजिस्ट्रेट की टीम के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई शुक्रवार रात मंगला एक्सप्रेस में स्कूली बच्चों के फूड पॉइजनिंग का शिकार होने की घटना के बाद की गई। मजिस्ट्रेट की टीम ने स्टेशन के फूड स्टॉल, कैंटीन, प्लेटफॉर्म और अन्य व्यवस्थाओं की सघन जांच की।
दरअसल, हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही ट्रेन नंबर 12610 मंगला एक्सप्रेस में करीब 30 स्कूली बच्चे सफर कर रहे थे। बच्चों ने शुक्रवार दोपहर ट्रेन की पैंट्री कार से खाना खाया था। करीब चार घंटे बाद बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही खंडवा प्रशासन और रेलवे अधिकारी अलर्ट हो गए।
ट्रेन को खंडवा में रोककर बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया। खंडवा सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत के अनुसार, सभी बच्चों को ओआरएस और आवश्यक दवाएं दी गईं। बच्चों की स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को भुसावल के लिए रवाना किया गया। उनके साथ रेलवे डॉक्टरों की टीम भी भेजी गई। घटना के अगले दिन शनिवार को रेलवे मजिस्ट्रेट मोहित माधव के नेतृत्व में खंडवा रेलवे स्टेशन पर बड़ा चेकिंग अभियान चलाया गया।
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फूड स्टॉल पर मिला फफूंद लगा खाना
औचक निरीक्षण के दौरान स्टेशन के खानपान केंद्रों पर कई अनियमितताएं सामने आईं। टीम को कुछ फूड स्टॉल पर फफूंद लगा और सड़ा-गला खाद्य पदार्थ मिला, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। संबंधित वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कई दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के पास वैध पहचान पत्र, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और जरूरी रिकॉर्ड भी नहीं मिले। ऐसे स्टॉल संचालकों पर जुर्माना लगाया गया और नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।
टिकट चेकिंग में भी कई लोग पकड़े गए
रेलवे मजिस्ट्रेट की कार्रवाई सिर्फ खानपान की जांच तक सीमित नहीं रही। टीम ने प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में टिकट चेकिंग भी की। इस दौरान कई यात्री बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए, जबकि कुछ लोग बिना प्लेटफॉर्म टिकट के स्टेशन परिसर में मौजूद मिले। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर जुर्माना वसूला गया। इसके बाद टीम ने एक ट्रेन की पैंट्री कार का भी निरीक्षण किया।
वहां खाद्य सामग्री व्यवस्थित मिली, लेकिन साफ-सफाई में कमी पाई गई। इस पर कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्टेशन और ट्रेनों में खानपान व्यवस्था की जांच के लिए आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।