मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में भगवान ज्योतिर्लिंग के दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी का मामला सामने आया है। गुजरात से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए आए 37 श्रद्धालुओं के दल से एक युवक ने खुद को मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा बताकर कथित तौर पर शीघ्र दर्शन कराने का झांसा दिया। आरोप है कि युवक ने प्रत्येक श्रद्धालु से 700 रुपये के हिसाब से कुल 25,900 रुपये वसूल लिए। बाद में इन्हीं श्रद्धालुओं को मंदिर ट्रस्ट के शीघ्र दर्शन काउंटर से जारी टोकन के जरिए दर्शन करा दिए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब श्रद्धालुओं को पता चला कि मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से शीघ्र दर्शन के लिए पहले से ही सिर्फ 300 रुपये प्रति टिकट की व्यवस्था है। इसके बाद गुजरात से आए श्रद्धालुओं के दल ने मंदिर ट्रस्ट में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही मंदिर ट्रस्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को जानकारी दी और मामला मांधाता थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
होटल में मिला था युवक, खुद को मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा बताया
मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात से करीब 37 लोगों का दल ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आया था। इसी दौरान उन्हें होटल में एक युवक मिला। आरोप है कि युवक ने खुद को मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा हुआ बताया और श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन कराने का भरोसा दिया।
शीघ्र दर्शन कराने के नाम पर उसने सभी श्रद्धालुओं से 700 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैसे लिए। इस तरह 37 श्रद्धालुओं से कुल 25,900 रुपये की राशि वसूल की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर ट्रस्ट के शीघ्र दर्शन काउंटर से मिले टोकन के माध्यम से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करा दिए गए।
300 रुपये की टिकट व्यवस्था की जानकारी मिलने पर खुला मामला
दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को जब जानकारी मिली कि जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने शीघ्र दर्शन के लिए पहले से ही 300 रुपये प्रति टिकट की व्यवस्था कर रखी है, तो उन्हें अपने साथ हुई कथित ठगी का पता चला। श्रद्धालुओं को यह भी मालूम हुआ कि उन्हें जिस व्यवस्था के तहत दर्शन कराए गए, उसके लिए मंदिर ट्रस्ट के काउंटर से 300 रुपये का टिकट ही पर्याप्त था। इसके बाद श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। गुजरात लौटने के बाद श्रद्धालुओं के इस दल ने मंदिर ट्रस्ट के सामने मामले की शिकायत दर्ज कराई।
यूपीआई के जरिए किया था भुगतान, बैंक खाते की जांच
शिकायत मिलने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने तत्काल जिला प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद मामला मांधाता थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब शिकायत के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति को यूपीआई के जरिए भुगतान किया था। इसी को आधार बनाकर जिला प्रशासन संबंधित यूपीआई एड्रेस से जुड़े बैंक खाते की जांच करा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बैंक खाते से व्यक्ति का नाम और पहचान सामने आने के बाद आरोपी तक पहुंचने में मदद मिलेगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
कलेक्टर बोले- एजेंट बनकर 600 से 1000 रुपये तक वसूले जा रहे
मामले को लेकर खंडवा के जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि अगर कोई व्यक्ति शीघ्र दर्शन करना चाहता है तो वह मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट के माध्यम से आसानी से 300 रुपये का टिकट बुक कर सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि कुछ लोग एजेंट बनकर श्रद्धालुओं से 600 से 700 रुपये, बल्कि 1000 रुपये तक भी वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा ही एक मामला दो दिन पहले सामने आया, जिसमें गुजरात से आए करीब 35 से 37 श्रद्धालुओं के दल से एक व्यक्ति ने एजेंट बनकर लगभग 700-700 रुपये लिए।
मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से एफआईआर की तैयारी
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यूपीआई भुगतान और बैंक खाते की जानकारी के जरिए कथित आरोपी की पहचान करने में जुटा है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि शीघ्र दर्शन के लिए किसी अनजान व्यक्ति या कथित एजेंट के झांसे में न आएं। शीघ्र दर्शन की निर्धारित व्यवस्था के तहत 300 रुपये का टिकट मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट से बुक किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि फर्जी एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच तेज कर दी गई है।