प्रदेश सरकार भले ही सीएम हेल्पलाइन को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का सबसे बड़ा माध्यम बता रही हो, लेकिन गुना में इस पर शिकायत करना एक परिवार को भारी पड़ गया। सफाई को लेकर की गई शिकायत से बौखलाए नगर पालिका कर्मचारियों ने शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर खुलेआम धमकाया। आरोप है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर घर के सामने डंपर भर कचरा और मरे हुए जानवर फेंकने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूरा मामला शहर की पॉश कॉलोनी मानी जाने वाली भार्गव कॉलोनी का है। यहां रहने वाले विशाल भार्गव ने बताया कि उनके घर के पास स्थित खाली मैदान पिछले तीन साल से कचरा घर बना हुआ है। आसपास के लोग वहां कचरा फेंक देते हैं, जिससे वहां गंदगी का अंबार लगा है। बदबू और मच्छरों के कारण कॉलोनी के लोगों का जीना दूभर हो गया है। विशाल के अनुसार उन्होंने कई बार नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों से सफाई की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का क्रमांक 33261732 है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सीएम हेल्पलाइन से समस्या का समाधान होगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा।
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आरोप है कि नगर पालिका ने मौके पर जाकर कचरा साफ करने के बजाय शिकायत को ही मांग आधारित बताकर बंद कर दिया। जब समस्या जस की तस बनी रही तो विशाल ने 4 अगस्त को कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर फिर से आवेदन दिया और पूरे मामले से अवगत कराया। इसी बात से नाराज होकर 19 अगस्त को नगर पालिका के चार कर्मचारी उनके घर पहुंच गए। पीड़ित परिवार के अनुसार कर्मचारी जयकुंवर सहरिया, शकील खान, बृजमोहन खरे उर्फ बंटी और अमित आर्य दोपहर के समय उनके घर आए। उन्होंने विशाल और उनके परिवार पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
जब परिवार ने साफ कहा कि जब तक सफाई नहीं होगी, शिकायत बंद नहीं करेंगे, तो कर्मचारी आक्रोशित हो गए। आरोप है कि इस दौरान कर्मचारी बृजमोहन खरे ने 80 वर्षीय बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी के सामने ही धमकाते हुए कहा कि अगर शिकायत बंद नहीं की तो तुम्हारे घर के सामने तीन मरे हुए सूअर और कुत्ते लाकर फेंक देंगे और एक डंपर भर कचरा डाल देंगे। इसके बाद खुद ही सफाई करते रहना। परिवार का कहना है कि कर्मचारियों ने घर में घुसकर अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। इस पूरी घटना का वीडियो उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पीड़ित ने इसका वीडियो भी अधिकारियों को सौंपा है।
घटना के बाद से परिवार दहशत में है। पीड़ित विशाल भार्गव ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर धमकाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर आम नागरिक को शिकायत करने पर इस तरह धमकाया जाएगा तो लोग अपनी समस्याएं कैसे बताएंगे।
वहीं इस मामले के सामने आने के बाद शहर में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का कहना है कि सफाई नहीं करना और शिकायत करने पर धमकाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।