{"_id":"6a9d2cd9c276d963e20c622f","slug":"video-nalagarh-hrtc-pensioners-meeting-3-percent-da-medical-bills-demand-2026-09-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"सोलन: पेंशन के इंतजार में बीत रहा महीना, नालागढ़ में HRTC पेंशनर्स ने उठाई आवाज; 3% डीए और चिकित्सा बिल जारी करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलन: पेंशन के इंतजार में बीत रहा महीना, नालागढ़ में HRTC पेंशनर्स ने उठाई आवाज; 3% डीए और चिकित्सा बिल जारी करने की मांग
उम्र की ढलती दहलीज पर पहुंच चुके परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। ऐसे में अगर पेंशन समय पर न मिले और इलाज के बिल भी लंबे समय से अटके रहें तो परेशानी और बढ़ जाती है। इसी पीड़ा को लेकर हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम पेंशनर्स कल्याण संगठन, शाखा नालागढ़ की मासिक बैठक में पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
रविवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता जगतार सिंह राणा ने की। बैठक में परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पेंशनरों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब इनके समाधान के लिए सरकार और निगम प्रबंधन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
बैठक में पेंशनरों ने पेंशन व्यवस्था का स्थायी समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही उनके जीवन-यापन का मुख्य आधार है। इसलिए हर महीने पेंशन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पेंशनरों ने कहा कि बार-बार पेंशन को लेकर असमंजस की स्थिति बनना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनता है। उन्होंने सरकार और HRTC प्रबंधन से इस समस्या का स्थायी हल निकालने का आग्रह किया।
बैठक में वर्ष 2016 से संशोधित वेतनमान के आधार पर लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठी।
पेंशनरों का कहना था कि परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों को 3 प्रतिशत डीए मिल चुका है, लेकिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है। ऐसे में पेंशनरों ने सवाल उठाया कि जब सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को डीए दिया जा चुका है तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित 3 प्रतिशत डीए का भुगतान जल्द किया जाए, ताकि पेंशनरों को उनका हक मिल सके।
बैठक में लंबित चिकित्सा बिलों के जल्द भुगतान की मांग भी उठाई गई। पेंशनरों ने बताया कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी खर्च भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन चिकित्सा बिलों का भुगतान समय पर न होने से उन्हें इलाज का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है।
पेंशनरों का कहना था कि जिन लोगों ने वर्षों तक परिवहन निगम में सेवाएं दी हैं, उन्हें अपने इलाज के खर्च के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने लंबित चिकित्सा बिलों का जल्द निपटारा करने की मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पेंशनरों की इन सभी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।
पेंशनरों का कहना है कि उनकी मांगें किसी अतिरिक्त सुविधा की नहीं, बल्कि समय पर पेंशन, लंबित डीए और इलाज के खर्च जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। ऐसे में इन मामलों को ज्यादा समय तक लंबित रखना उनके लिए परेशानी बढ़ाने वाला है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।