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घरेलू सर्राफा बाजार में लौटी रौनक,दिवाली से पहले फिर चमका सोना!
दिवाली के त्योहार से ठीक पहले देश के घरेलू सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौटती दिखाई दे रही है। अक्टूबर महीने में सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद अब त्योहारों के सीजन में खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी ने बाजार को नई मजबूती दी है। खासतौर पर ज्वैलर्स और खुदरा ग्राहकों की ओर से सोने की मांग बढ़ने के कारण कीमतों में सुधार देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई, जिससे सर्राफा कारोबारियों के साथ-साथ निवेशकों का ध्यान भी एक बार फिर सोने की ओर आकर्षित हुआ है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही वजह है कि बाजार में आभूषणों और सोने के सिक्कों की मांग बढ़ने लगी है।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 500 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद सोने का भाव बढ़कर 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शनिवार को सोना 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों और कारोबारियों के अनुसार, दिवाली नजदीक आने के साथ ही ज्वैलर्स ने अपनी खरीदारी बढ़ा दी है। वहीं, खुदरा ग्राहक भी त्योहार के लिए गहने खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। मांग में आई इसी मजबूती ने अक्टूबर की गिरावट के बाद सोने की कीमतों को सहारा देने का काम किया है।
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे घरेलू मांग के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अमेरिकी डॉलर की चाल, अमेरिकी चुनाव से जुड़ी गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर बुलियन बाजार पर पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त भारतीय रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी आने से सोने का आयात महंगा हो गया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है, इसलिए रुपये की कमजोरी का सीधा प्रभाव घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है। आयात लागत बढ़ने के कारण स्थानीय बाजार में सोने के भाव को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
दूसरी ओर, चांदी के बाजार में सोमवार को कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, चांदी की कीमत सभी करों सहित 1.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। सोने में तेजी के बावजूद चांदी के भाव में स्थिरता बनी रही, जो बाजार में दोनों कीमती धातुओं की अलग-अलग मांग और कारोबार की स्थिति को दर्शाती है।
कुल मिलाकर दिवाली से पहले सोने की कीमतों में आई रिकवरी ने सर्राफा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में त्योहारों की खरीदारी, डॉलर की स्थिति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ग्राहकों को खरीदारी से पहले ताजा भाव, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
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