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Nainital News: सांसों की मशीन का घुट रहा दम
Wed, 23 Sep 2026 01:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:57 AM IST
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नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल में सीधे मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए लगाया गया ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट एक बार फिर खुद ही ठप हो गया है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए प्लांट को 11 माह तक बंद रहने के बाद जनवरी 2026 में जैसे-तैसे दुरुस्त कर दोबारा शुरू किया गया था लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह बीते चार माह से बंद है।
कोविड काल में मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बीडी पांडे अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किया गया था। इसे अस्पताल में पहले से मौजूद सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़ा गया जिससे अस्पताल के प्रत्येक बेड तक पाइपलाइन के जरिये सीधे ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था बनी। शुरुआती वर्षों में प्लांट के संचालन से अस्पताल को काफी सुविधा मिली लेकिन बाद में नियमित देखरेख और मरम्मत के अभाव में तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगीं।
ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे व्यवस्था
प्लांट के बंद होने के बाद अस्पताल की सेंट्रल ऑक्सीजन व्यवस्था फिलहाल सिलिंडरों और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सहारे चल रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध हैं और उन्हें सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़कर सभी बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है।
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पहले वॉल्व हुए थे खराब
पिछले साल फरवरी में प्लांट के उपकरणों में लगे वॉल्व खराब हो गए थे। इसके बाद प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद हो गया। करीब 11 माह तक अस्पताल का यह ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बंद रहा। अब वॉल्व समेत अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण इसका संचालन दोबारा रुका है।
हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
लंबे समय तक प्लांट बंद रहने का मामला गंभीर होने के बाद हाईकोर्ट की फटकार के बीच इसकी खामियां दूर करने की कवायद शुरू हुई। करीब 11 माह बाद जनवरी 2026 में प्लांट को दुरुस्त कर दोबारा चालू किया गया।
अस्पताल में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इन्हें सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़कर सभी बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं। प्लांट की मरम्मत के लिए अनुमति मिल गई है और तकनीकी विशेषज्ञों से संपर्क किया जा चुका है। जल्द ही प्लांट को दुरुस्त कर दोबारा संचालित किया जाएगा। - डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल, पीएमएस, बीडी पांडे अस्पताल
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कोविड काल में मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बीडी पांडे अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किया गया था। इसे अस्पताल में पहले से मौजूद सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़ा गया जिससे अस्पताल के प्रत्येक बेड तक पाइपलाइन के जरिये सीधे ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था बनी। शुरुआती वर्षों में प्लांट के संचालन से अस्पताल को काफी सुविधा मिली लेकिन बाद में नियमित देखरेख और मरम्मत के अभाव में तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगीं।
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ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे व्यवस्था
प्लांट के बंद होने के बाद अस्पताल की सेंट्रल ऑक्सीजन व्यवस्था फिलहाल सिलिंडरों और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सहारे चल रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध हैं और उन्हें सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़कर सभी बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है।
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पहले वॉल्व हुए थे खराब
पिछले साल फरवरी में प्लांट के उपकरणों में लगे वॉल्व खराब हो गए थे। इसके बाद प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद हो गया। करीब 11 माह तक अस्पताल का यह ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट बंद रहा। अब वॉल्व समेत अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण इसका संचालन दोबारा रुका है।
हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
लंबे समय तक प्लांट बंद रहने का मामला गंभीर होने के बाद हाईकोर्ट की फटकार के बीच इसकी खामियां दूर करने की कवायद शुरू हुई। करीब 11 माह बाद जनवरी 2026 में प्लांट को दुरुस्त कर दोबारा चालू किया गया।
अस्पताल में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इन्हें सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़कर सभी बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं। प्लांट की मरम्मत के लिए अनुमति मिल गई है और तकनीकी विशेषज्ञों से संपर्क किया जा चुका है। जल्द ही प्लांट को दुरुस्त कर दोबारा संचालित किया जाएगा। - डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल, पीएमएस, बीडी पांडे अस्पताल