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उत्तराखंड में दंगे की राजनीति बर्दाश्त नहीं : सीएम

Wed, 23 Sep 2026 01:54 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 23 Sep 2026 01:54 AM IST
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Politics of riots will not be tolerated in Uttarakhand: CM
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को नैनीताल में 124वें नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में दंगे की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बनभूलपुरा में हुए दंगे के बाद दंगे की राजनीति को समाप्त करते हुए दंगा रोकने के लिए कानून बनाया गया है।
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नैनीताल में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से लाल, पीली और हरी चादर डालकर सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया था। अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 13 हजार एकड़ भूमि कब्जामुक्त कराई गई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। धर्मांतरण रोकने के लिए कानून और मदरसा बोर्ड के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए प्राधिकरण बनाया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनाजहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई। सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शी तरीके से युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का काम किया है।
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महिलाओं और पर्यटन को विकास का आधार बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3.10 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सशक्त महिला उत्सव और बहना योजनाओं के माध्यम से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और सालभर में नौ करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने का दावा किया। उत्तराखंड फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है।
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सड़क से लेकर स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं तक गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12-14 साल पहले की तुलना में उत्तराखंड में सड़क और कनेक्टिविटी की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए रानीखेत और कौसानी की ओर यातायात सुगम बनाने के लिए पुल और बाईपास बनाए जा रहे हैं। आदि कैलाश में भी श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां करीब 500-600 लोग वहां पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या 50 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने एम्स के सेटेलाइट सेंटर को जल्द शुरू किए जाने की बात कही। पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की दिशा में काम चलने का भी उल्लेख किया।
पर्यटन कही नहीं आस्था और आध्यात्म का केंद्र है नैनीताल
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मां नयना देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मंदिर पहुंचकर सुंदरकांड पढ़ा, नंदा सुनंदा का पूजन भी किया
नैनीताल। धार्मिक संस्था राम सेवक सभा की ओर से आयोजित 124वें नंदा देवी महोत्सव में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां नंदा सुनंदा समेत नयना देवी मंदिर, हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। महोत्सव के तहत मंदिर में सुंदरकांड में भी कुछ देर मुख्यमंत्री ने शिरकत की। उन्होंने नयना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने सुंदरकांड पाठ की कुछ चौपाई व दोहे भी पढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की लोक आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। नैनीताल केवल पर्यटन नगरी नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म का भी केंद्र है। उन्होंने नंदा देवी महोत्सव को उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा उत्सव बताया। दर्शन के बाद संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा की कृपा के बिना इस पवित्र आयोजन में पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मां का आशीर्वाद पूरे उत्तराखंड पर बना रहे और राज्य देश का अग्रणी प्रदेश बने।सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है।
सीएम धामी को भेंट की पुस्तक
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नैनीताल भ्रमण के दौरान मंगलवार को लेखक प्रखर श्रीवास्तव ने उन्हें अपनी पुस्तक ‘हे राम-गांधी हत्याकांड की एक पड़ताल’ भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पुस्तकें इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाने में सहायक होती हैं। माई सिटी रिपोर्टर
विभिन्न संगठनों ने किया स्वागत
नैनीताल पहुंचने पर सीएम का विभिन्न संगठनों ने स्वागत किया। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े घनश्याम लाल साह एवं प्रदीप साह ने मैया की चुनरी पहनाई। गणपति एवं हनुमान मंदिर के बाद सीएम नयना देवी मंदिर गए जहां मुख्य पुजारी बसंत बल्लभ पांडे ने पूजा करवाई। इसके बाद नंदा सुनंदा मंदिर में भगवती प्रसाद जोशी ने पूजा करवाई। इसके बाद सीएम गुरुद्वारा गुर सिंह सभा पहुंचे और एक पौधा मां नंदा के नाम अभियान के तहत पौधे बांटा। इसमें अमरप्रीत सिंह, गगनदीप, गुरप्रीत सिंह, जसपाल सिंह, हरप्रीत सिंह आदि रहे। तिब्बती समुदाय के येशी थुप्तेन, कैल्सन छुकी, तेंजिंग जिंपा, ताशी तोपगिल आदि लोगों ने भी सीएम का स्वागत किया। इस अवसर पर काबीना मंत्री राम सिंह कैडा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शांति मेहरा, शंकर कोरंगा, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुकेश जोशी, राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज शाह, महासचिव जगदीश बवाड़ी आदि मौजूद थे।
दीपदान रहा आकर्षण का केंद्र
आयोजन के तहत नैनझील में दीपदान विशेष आकर्षण रहा। शाम को पंच आरती के बाद एसपी डॉ. जगदीश चंद्रा की मौजूदगी में दीपदान किया गया। सभा की ओर से तेज सिंह नेगी के नेतृत्व में 5100 दीये प्रवाहित किए गए। अभियान में मुख्तार ने विशेष सहयोग किया। वह बीते दस वर्षों से दीपदान में सहयोगी है। इसमें सभा समेत नाव चालक संगठन से जुड़े लोग रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समा बांधा
नैनीताल। तल्लीताल डांठ एवं मल्लीताल राम सेवक सभा में हुए कार्यक्रमों में लोग लोक संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं। मंगलवार को भी पारंपरिक झोड़ा चांचरी, सामूहिक गीत आदि हुए। कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति खुर्पाताल, नई दिशाएं आदि की ओर से कार्यक्रम किए गए।

महोत्सव में आज...
सुबह 5.00 बजे देवी पूजन
दिन में 12.00 बजे देवी भोग
दिन में 12.30 बजे शोभायात्रा
सायं 6.30 बजे मूर्ति विसर्जन।


50 वर्ष पुरानी रामलीलाओं को आर्थिक सहायता की मांग
नैनीताल। भाजपा नेताओ एवं रामलीला मंचन से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर 50 वर्ष से पुरानी रामलीलाओं को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कूर्मांचलीय रामलीलाओं का समृद्धशाली अतीत है। कई प्राचीन रामलीलाएं सीमित संसाधनों से संस्कृति संरक्षण की सार्थक पहल कर रही है। वर्तमान समय में कलाकारों की वेशभूषा, लाइट्स, साउंड काफी खर्चीला हो गया है। ऐसे में आर्थिक सहायता के बिना कई संस्थाएं बंदी की कगार पर हैं। इन्हें सरकारी कोष से आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। ज्ञापन में अरविंद पडियार, दर्जा मंत्री शांति मेहरा, संतोष कुमार, आनंद बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
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