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यूपी: फर्जी प्रमाण पत्र लगाने के केस में भुगतान रोका, काली सूची में डालकर छोड़ा; करोड़ों का ठेका लेने का आरोप

Sun, 04 Oct 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 04 Oct 2026 05:56 AM IST
सार

आजमगढ़ में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने के मामले में संबंधित व्यक्ति का भुगतान रोककर उसे काली सूची में डाल दिया गया, लेकिन डीएम के हस्ताक्षर से जारी कथित फर्जी प्रमाण पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में शिकायतकर्ता ने अब अपर आयुक्त प्रशासन से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

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Payment withheld and entity blacklisted case involving submission of fake certificates document issued
ठेकेदार पर फर्जी अभिलेखों के सहारे करोड़ों रुपये का ठेका लेने का आरोप लगा था। - फोटो : Istock

विस्तार

नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में ठेकेदारी से जुड़े एक मामले में ठेकेदार पर फर्जी अभिलेखों के सहारे करोड़ों रुपये का ठेका लेने का आरोप लगा था। 31 मई को अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद जांच शुरू हुई। जांच पूरी होने के बाद सीआरओ के निर्देश पर ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगा दी गई और भारत कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर को काली सूची में डाल दिया। लेकिन, फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले व्यक्ति पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।

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मुबारकपुर नपा परिषद में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष डॉ. सबा शमीम के समय में मेसर्स भारत कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर फर्म को बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये के ठेके दिए गए। फर्म ने काम धड़ाधड़ काम कराए और उसका भुगतान भी होता रहा। 

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इसी बीच मुबारकपुर निवासी डॉ. आमिर फहीम ने फर्म के अभिलेखों के फर्जी होने की शिकायत सीआरओ और नगपालिका के प्रभारी से कर दी। उन्होंने इसमें लिखा था कि डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से यह प्रमाण पत्र तैयार किए गए है। इस शिकायत पर जांच शुरू हो गई। जांच में पुष्टि हुई कि फर्म द्वारा फर्जी अभिलेखों के सहारे नगरपालिका से बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये के ठेके लिए गए। इस पर ईओ नगरपालिका ने सीआरओ के निर्देश पर फर्म के सारे भुगतानों पर रोक लगा दिया। 

साथ ही फर्म को पांच साल के लिए काली सूची में डाल दिया। लेकिन, उनकी ओर से डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से तैयारी कर लगाए गए फर्जी प्रमाण पत्रों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर धरवारा गांव निवासी अखिलेश सिंह ने शनिवार को अपर आयुक्त प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ पूर्व में किए गए भुगतान की रिकवरी कराए जाने की मांग की।

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इस संबंध में हमारे पास शिकायत आई थी, यह मामला जिला स्तर का था तो मैंने सीआरओ को इस मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है। - प्रमोद कुमार पांडेय, अपर आयुक्त प्रशासन।
 

इस प्रकरण की जानकारी हमें है। हमने इसमें वर्कआर्डर को निरस्त कर दिया है, भुगतान पर रोक लगा दी है। फर्म को काली सूची में डालने के साथ ही उसके एफडीआर को जब्त कर लिया है। अब नई शिकायत आई है तो एक जांच समिति गठित कर इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। - संजीव ओझा, सीआरओ व प्रशासक मुबारकपुर नगरपालिका।

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