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Unnao News: प्रेमी पर लगाया रेनू की हत्या कर शव फेंकने का आरोप
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फोटो-23- रेनू (फाइल फोटो)
सफीपुर (उन्नाव)। तीन साल पहले प्रेम-प्रसंग में घर छोड़कर गई महिला का चार महीने पहले बाराबंकी में शव मिलने की घटना में अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न करने से परिजन परेशान हैं। प्रेमी पर बेटी की हत्या कर शव फेंके जाने का अंदेशा जताया है। पिता ने आईजी को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
आसीवन थानाक्षेत्र के बनौनी गांव निवासी राजबहादुर रावत ने बताया कि छोटी बेटी रेनू (30) तीन साल पहले सीतापुर जिले के थाना नैमिष के गांव कराखिला निवासी अंबुज शुक्ला के साथ तीन साल पहले प्रेम प्रसंग में चली गई थी। पहले उसने बेटी को चंडीगढ़ में रखा। उसके बाद लखनऊ के गोमती नगर विभूतिखंड में किराये पर रहने लगा। अंबुज कार चलाता था। रेनू को एक स्पा सेंटर में नौकरी दिलाई। शादी की बात पर कोई न कोई बहाना बताकर टाल देता।
20 मई 2026 को प्रेमी अंबुज ने रेनू के लापता होने की खबर दी। बेटी की इधर-उधर तलाश की गई, गुमशुदगी की पोस्टर चिपकाए गए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बड़ी बेटी शशि रावत लखनऊ विभूतिखंड थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने गई तो थाने के सूचना बोर्ड पर रेनू की अज्ञात में फोटो लगी देख पहचान की। पुलिस ने बताया कि 20 मई को बाराबंकी जिले के उमरी गांव की सड़क किनारे शव पड़ा मिला था। पहचान न होने से पुलिस ने अज्ञात में अंतिम संस्कार भी कर दिया है।
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पिता ने आरोप लगाया कि रेनू की हत्या उसके प्रेमी ने की है। बेटी को न्याय दिलाने के लिए तब से हम लोग भटक रहे हैं लेकिन पुलिस सिर्फ गुमराह कर रही है। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामला बाराबंकी से जुड़ा है, आईजी से शिकायत की गई है। वहीं कार्रवाई होगी।
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आसीवन थानाक्षेत्र के बनौनी गांव निवासी राजबहादुर रावत ने बताया कि छोटी बेटी रेनू (30) तीन साल पहले सीतापुर जिले के थाना नैमिष के गांव कराखिला निवासी अंबुज शुक्ला के साथ तीन साल पहले प्रेम प्रसंग में चली गई थी। पहले उसने बेटी को चंडीगढ़ में रखा। उसके बाद लखनऊ के गोमती नगर विभूतिखंड में किराये पर रहने लगा। अंबुज कार चलाता था। रेनू को एक स्पा सेंटर में नौकरी दिलाई। शादी की बात पर कोई न कोई बहाना बताकर टाल देता।
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20 मई 2026 को प्रेमी अंबुज ने रेनू के लापता होने की खबर दी। बेटी की इधर-उधर तलाश की गई, गुमशुदगी की पोस्टर चिपकाए गए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बड़ी बेटी शशि रावत लखनऊ विभूतिखंड थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने गई तो थाने के सूचना बोर्ड पर रेनू की अज्ञात में फोटो लगी देख पहचान की। पुलिस ने बताया कि 20 मई को बाराबंकी जिले के उमरी गांव की सड़क किनारे शव पड़ा मिला था। पहचान न होने से पुलिस ने अज्ञात में अंतिम संस्कार भी कर दिया है।
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पिता ने आरोप लगाया कि रेनू की हत्या उसके प्रेमी ने की है। बेटी को न्याय दिलाने के लिए तब से हम लोग भटक रहे हैं लेकिन पुलिस सिर्फ गुमराह कर रही है। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामला बाराबंकी से जुड़ा है, आईजी से शिकायत की गई है। वहीं कार्रवाई होगी।