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Sultanpur: एसएसबी जवान का शव घर लाया गया, परिवार में मचा कोहराम, गोली लगने से हुई थी मौत
Tue, 15 Sep 2026 06:07 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:07 PM IST
सार
जवान का तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए। जनप्रतिनिधि भी जवान के घर पहुंचे और ढाढ़स बंधाया।
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घर लाया गया जवान का शव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ स्थित एसएसबी कैंप में सोमवार को गोली लगने से जान गंवाने वाले हवलदार आनंद प्रकाश तिवारी (41) का शव सोमवार को उनके पैतृक गांव नेवरा खादर बसंतपुर पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए।
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एसएसबी की 28वीं बटालियन के सूबेदार राजेंद्र विवेक कुमार अन्य जवानों के साथ शव लेकर गांव पहुंचे। शव देखते ही मां राजेश्वरी देवी और पत्नी प्रियंका सहित अन्य परिजन बिलख पड़े। बेटे अनुभव तिवारी के सामने जब पिता का पार्थिव शरीर रखा गया तो वह सहम गए।
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एसएसबी जवानों ने परिजनों के साथ शव को राजघाट पहुंचाया जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद जवानों ने पार्थिव शरीर से तिरंगा उतारकर पिता बलराम तिवारी को सौंपा। परंपरा के अनुसार बेटे अनुभव तिवारी ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया, प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश यादव, उपनिरीक्षक अंबरीश पाठक मौजूद रहे।
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शोक जताने पहुंचे जनप्रतिनिधि: जवान की मौत की सूचना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा नेता रामचंद्र मिश्र, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू, इसौली विधायक ताहिर खान, ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी और मनीषा पांडेय समेत कई लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढाढ़स बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।