यूपी: शिक्षक संघ के अध्यक्ष और पत्नी की हत्या, खून से लथपथ मिले शव; पास में पड़े थे फावड़ा-कुल्हाड़ी व चाकू
कादीपुर के कुम्ही गांव में हुई वारदात में आरोपियों ने सीसीटीवी भी तोड़ दिए और डीवीआर भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की वजह पता नहीं चल सकी है। मामले की जांच की जा रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कुम्ही गांव में सोमवार रात शिक्षक दंपती की फावड़े और कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। कंपोजिट विद्यालय खनुहट के प्रधानाध्यापक मुकेश सिंह (53) और निजी स्कूल चलाने वाली उनकी पत्नी विनीता सिंह (47) के शव मंगलवार सुबह निजी विद्यालय परिसर स्थित आवास और मैदान में मिले। विनीता का शव कमरे के गेट के पास पड़ा था, जबकि 150 मीटर दूर मुकेश का शव घास में मिला। दोनों के गले और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे।
मुकेश सिंह प्राथमिक शिक्षक संघ मोतिगरपुर के अध्यक्ष भी थे। पत्नी विनीता सिंह गांव में मनराजी शिक्षण संस्थान चलाती थीं। इसी परिसर में दोनों का आवास भी था। विनीता ने पिछला जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सकी थीं। विद्यालय का बस चालक और गांव निवासी राकेश यादव ने बताया कि वह सुबह 6:10 बजे बस की चाबी लेने आवासीय परिसर में पहुंचे। कमरे के गेट के पास विनीता का शव देखकर सन्न रह गए। शव के पास खून से सना फावड़ा पड़ा था।
उन्होंने विद्यालय कर्मी सरिता देवी को बुलाया। करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर ही मैदान में घास के पास मुकेश सिंह शव खून से लथपथ मिला। प्रसाधन कक्ष के पास खून से सनी कुल्हाड़ी मिली। दोहरे हत्याकांड से शिक्षकों में आक्रोश है। उधर, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका है कि विनीता की हत्या विद्यालय के कमरे में की गई। इसके बाद मुकेश जान बचाकर भागे तो हमलावरों ने करीब 150 मीटर दूर विद्यालय परिसर में उन्हें भी घेरकर मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, हत्या की वजह और वारदात में शामिल लोगों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस हत्या का कारण और आरोपियों का पता लगाने में जुटी
बताया गया कि मुकेश वर्ष 2002 में गांव में मनराजी शिक्षण संस्थान शुरू करने के बाद पत्नी के साथ वहीं रहते थे। वह पहले शिक्षामित्र थे। वर्ष 2009 में सहायक अध्यापक बने थे। उनका इकलौता बेटा अभ्युदय (20) दिल्ली के विश्वविद्यालय में पढ़ रहा है। मुकेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई अवधेश सिंह पीजी कॉलेज, गाजीपुर में शिक्षक हैं। अखिलेश सिंह लखनऊ को-ऑपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ हत्या के कारण और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
कैमरे तोड़े, डीवीआर को भी बनाया निशाना
वारदात के बाद आरोपियों ने विद्यालय परिसर में लगे दोनों सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। डीवीआर को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार, डीआईजी अयोध्या मंडल सोमेन बर्मा और एसपी विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। एडीजी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। घटना की वजह पता नहीं चल सकी है। डीवीआर और मृतकों के मोबाइल फोन की जांच कर पुलिस हत्या के कारण और वारदात में शामिल लोगों का पता लगा रही है। घटनास्थल पर विधायक कादीपुर राजेश गौतम भी पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।