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Shahjahanpur News: नदियों का जलस्तर घटा, दुश्वारियां नहीं
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गर्रा नदी के जलस्तर में आई गिरावट। संवाद
शाहजहांपुर। गर्रा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जबकि खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। तटवर्ती इलाकों की कई कॉलोनियां अभी पानी से घिरी हैं। करीब 55 लोग एनटीआई स्थित राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं। कुछ परिवार मकानों पर ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। लगातार घटते-बढ़ते जलस्तर से लोग भयभीत हैं। उन्हें घरों में रखा सामान खराब होने की चिंता सता रही है। बाढ़ के कारण लोगों के काम-धंधे भी प्रभावित हुए हैं।
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात आठ बजे गर्रा नदी का जलस्तर 148 मीटरगेज था। खतरे का निशान 148.80 मीटरगेज है। बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर घटकर 147.80 मीटरगेज रह गया। दियूनी बैराज से सुबह 7793 क्यूसेक और कटना नदी से 5000 क्यूसेक पानी गर्रा में पास किया गया। खन्नौत का जलस्तर बुधवार रात 145.55 मीटरगेज था, जबकि खतरे का निशान 145.75 मीटरगेज है।
बृहस्पतिवार शाम भी यह खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर नीचे रहा। बृहस्पतिवार को सुभाषनगर कॉलोनी से पानी निकल गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बरुआ नाले के आसपास अब भी जलभराव है।
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खन्नौत में बाढ़ से मकान घिरे
खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती कॉलोनियां अब भी बाढ़ से घिरी हैं। एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। मोटरबोट से नदी और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है। इंदिरानगर में एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे मोटरबोट से सुरक्षित निकाला गया। पार्षद रूपेश वर्मा अन्नू ने बताया कि दवा दिलाने के बाद मरीज को फिर घर पहुंचा दिया गया।
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गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। दोनों नदियों में पानी कम हो रहा है। राजस्व विभाग की टीमें लगी हुई हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात आठ बजे गर्रा नदी का जलस्तर 148 मीटरगेज था। खतरे का निशान 148.80 मीटरगेज है। बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर घटकर 147.80 मीटरगेज रह गया। दियूनी बैराज से सुबह 7793 क्यूसेक और कटना नदी से 5000 क्यूसेक पानी गर्रा में पास किया गया। खन्नौत का जलस्तर बुधवार रात 145.55 मीटरगेज था, जबकि खतरे का निशान 145.75 मीटरगेज है।
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बृहस्पतिवार शाम भी यह खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर नीचे रहा। बृहस्पतिवार को सुभाषनगर कॉलोनी से पानी निकल गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बरुआ नाले के आसपास अब भी जलभराव है।
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खन्नौत में बाढ़ से मकान घिरे
खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती कॉलोनियां अब भी बाढ़ से घिरी हैं। एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। मोटरबोट से नदी और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है। इंदिरानगर में एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे मोटरबोट से सुरक्षित निकाला गया। पार्षद रूपेश वर्मा अन्नू ने बताया कि दवा दिलाने के बाद मरीज को फिर घर पहुंचा दिया गया।
गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। दोनों नदियों में पानी कम हो रहा है। राजस्व विभाग की टीमें लगी हुई हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

गर्रा नदी के जलस्तर में आई गिरावट। संवाद