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रंगदारी प्रकरण : गिरफ्तार सिपाहियों का मिला रिमांड, आरोपियों की तलाश में दिल्ली गई पुलिस
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पीड़ित व्यापारी के पिता राजेश क्षत्रिय। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय से दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपी दो सिपाहियों की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस टीम दिल्ली के शाहदरा भेजी गई है। वहीं, बरेली कारागार में बंद सिपाही पंकज और वीरेंद्र को अदालत से 14 दिन का पुलिस रिमांड मिल गया है। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे घटना से जुड़े कई अहम राज खुल सकें। पांचवें आरोपी की भी पहचान की जाएगी।
तिलहर थाने के सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने चार सितंबर की रात मोहल्ला कनूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम की बाइक में मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उसे बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित किया और परिवार से दो लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर एसपी सौरभ दीक्षित ने विभागीय जांच कराई। प्रथमदृष्टया आरोप सही मिलने पर चारों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया। पंकज और वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अरुण चित्तौड़िया और तुषार भागे हुए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
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जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना के दिन बिरियागंज चौकी इंचार्ज रमेश कोर्ट गए हुए थे। चौकी पर तैनात चारों सिपाही ड्यूटी पर थे। आरोप है कि सिपाही बिना सूचना दिए बगैर वर्दी व्यापारी को लेकर चौकी पहुंचे और वहां उसे प्रताड़ित किया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चौकी पर इस दौरान कौन-कौन मौजूद था और घटना में किसी अन्य पुलिसकर्मी या स्थानीय व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पीड़ित ने कुछ स्थानीय लोगों के भी घटना में शामिल होने की आशंका जताई है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सोमवार को टीम ने व्यापारी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
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रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
रविवार को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस वादी सुंदरम को साथ लेकर बरेली हाईवे पर सरैंया मोड़ से भटादेवर गांव के मोड़ तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच की। देर शाम सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में टीम तिलहर थाने पहुंची। गिरफ्तार सिपाही पंकज और वीरेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को बरेली जेल भेज दिया गया। अदालत से दोनों सिपाहियों की 14 दिन की रिमांड मिल गई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। खासकर घटना में शामिल बताए जा रहे पांचवें आरोपी की पहचान, मादक पदार्थ के संबंध में सच्चाई और रकम वसूली में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।
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मादक पदार्थ था या नहीं, रिमांड के बाद चलेगा पता
सीओ दीपक सिंह ने बताया कि मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण आरोपियों को बरेली जेल भेजा गया है। अब तक व्यापारी और आरोपी सिपाहियों के बीच पहले से वैमनस्यता की बात सामने नहीं आई है, लेकिन यह बता चला है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से जान-पहचान थी। सिपाहियों के पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। सीओ ने बताया कि रिमांड के बाद पूछताछ में यह भी स्पष्ट होगा कि व्यापारी के पास वास्तव में कोई मादक पदार्थ था या नहीं।
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बेटे को छुड़ाने के लिए पिता ने पत्नी, बहू और दूसरे बेटों से जुटाए दो लाख
पीड़ित व्यापारी के पिता राजेश क्षत्रिय ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10:06 बजे बेटे का फोन आया था। वह काफी घबराया हुआ था। उसने बताया कि तिलहर पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और दो लाख रुपये लेकर बिरियागंज चौकी आने के लिए कहा है। काफी पूछने के बावजूद उसने यह नहीं बताया कि उसे किस मामले में पकड़ा गया है। इससे परिवार दहशत में आ गया।
राजेश के मुताबिक, उनके पास कुछ रुपये थे। बाकी रकम पत्नी, बहू और दूसरे बेटे से लेकर किसी तरह दो लाख रुपये जुटाए। बारिश के कारण बाइक से चौकी पहुंचना संभव नहीं था। किराये की गाड़ी भी नहीं मिली तो जरियनपुर के एक रिश्तेदार की मदद से गाड़ी मंगाई गई। रात करीब 12 बजे वह दूसरे बेटे के साथ चौकी पहुंचे।
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सिपाही बोले-हेरोइन मिली है... पूरा परिवार फंस जाएगा
राजेश का आरोप है कि चौकी पर सिपाहियों ने उन्हें डराया-धमकाया। कहा कि उनके बेटे के पास हेरोइन मिली है। मामला बेहद गंभीर है और इसमें पूरा परिवार फंस सकता है। उन्होंने बेटे को छोड़ने के एवज में रकम कम करने की बात कही, लेकिन सिपाही नहीं माने। पूरा दो लाख रुपये लेने के बाद ही बेटे को छोड़ा गया। राजेश के मुताबिक, घर लौटते समय बेटे ने पूरी घटना बताई, लेकिन डर के कारण उन्होंने उसी रात थाने जाने के बजाय घर लौटना बेहतर समझा। सुबह मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को कुछ व्यापारी नेताओं के साथ सीओ से मिलकर शिकायत की।
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पीड़ित ने मेडिकल कराने से किया इन्कार
पुलिस ने व्यापारी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए चिट्ठी तैयार कराई थी, लेकिन पीड़ित ने मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया। सीओ दीपक सिंह के अनुसार, कई बार कहने के बाद भी व्यापारी ने लिखित रूप से मेडिकल कराने से मना कर दिया। हालांकि, यदि वह अब मेडिकल कराना चाहता है तो जांच कराई जा सकती है।
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सिपाहियों की तलाश में एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। जल्द ही सिपाही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। घटना के दिन बिरियागंज चौकी पुलिस जन्माष्टमी कार्यक्रम में लगी हुई थी। जांच में सामने आने वाले तथ्य व साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- सौरभ दीक्षित, एसपी
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तिलहर थाने के सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने चार सितंबर की रात मोहल्ला कनूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम की बाइक में मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उसे बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित किया और परिवार से दो लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया।
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मामले की जानकारी मिलने पर एसपी सौरभ दीक्षित ने विभागीय जांच कराई। प्रथमदृष्टया आरोप सही मिलने पर चारों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया। पंकज और वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अरुण चित्तौड़िया और तुषार भागे हुए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
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जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना के दिन बिरियागंज चौकी इंचार्ज रमेश कोर्ट गए हुए थे। चौकी पर तैनात चारों सिपाही ड्यूटी पर थे। आरोप है कि सिपाही बिना सूचना दिए बगैर वर्दी व्यापारी को लेकर चौकी पहुंचे और वहां उसे प्रताड़ित किया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चौकी पर इस दौरान कौन-कौन मौजूद था और घटना में किसी अन्य पुलिसकर्मी या स्थानीय व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पीड़ित ने कुछ स्थानीय लोगों के भी घटना में शामिल होने की आशंका जताई है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सोमवार को टीम ने व्यापारी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
रविवार को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस वादी सुंदरम को साथ लेकर बरेली हाईवे पर सरैंया मोड़ से भटादेवर गांव के मोड़ तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच की। देर शाम सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में टीम तिलहर थाने पहुंची। गिरफ्तार सिपाही पंकज और वीरेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को बरेली जेल भेज दिया गया। अदालत से दोनों सिपाहियों की 14 दिन की रिमांड मिल गई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। खासकर घटना में शामिल बताए जा रहे पांचवें आरोपी की पहचान, मादक पदार्थ के संबंध में सच्चाई और रकम वसूली में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।
मादक पदार्थ था या नहीं, रिमांड के बाद चलेगा पता
सीओ दीपक सिंह ने बताया कि मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण आरोपियों को बरेली जेल भेजा गया है। अब तक व्यापारी और आरोपी सिपाहियों के बीच पहले से वैमनस्यता की बात सामने नहीं आई है, लेकिन यह बता चला है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से जान-पहचान थी। सिपाहियों के पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। सीओ ने बताया कि रिमांड के बाद पूछताछ में यह भी स्पष्ट होगा कि व्यापारी के पास वास्तव में कोई मादक पदार्थ था या नहीं।
बेटे को छुड़ाने के लिए पिता ने पत्नी, बहू और दूसरे बेटों से जुटाए दो लाख
पीड़ित व्यापारी के पिता राजेश क्षत्रिय ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10:06 बजे बेटे का फोन आया था। वह काफी घबराया हुआ था। उसने बताया कि तिलहर पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और दो लाख रुपये लेकर बिरियागंज चौकी आने के लिए कहा है। काफी पूछने के बावजूद उसने यह नहीं बताया कि उसे किस मामले में पकड़ा गया है। इससे परिवार दहशत में आ गया।
राजेश के मुताबिक, उनके पास कुछ रुपये थे। बाकी रकम पत्नी, बहू और दूसरे बेटे से लेकर किसी तरह दो लाख रुपये जुटाए। बारिश के कारण बाइक से चौकी पहुंचना संभव नहीं था। किराये की गाड़ी भी नहीं मिली तो जरियनपुर के एक रिश्तेदार की मदद से गाड़ी मंगाई गई। रात करीब 12 बजे वह दूसरे बेटे के साथ चौकी पहुंचे।
सिपाही बोले-हेरोइन मिली है... पूरा परिवार फंस जाएगा
राजेश का आरोप है कि चौकी पर सिपाहियों ने उन्हें डराया-धमकाया। कहा कि उनके बेटे के पास हेरोइन मिली है। मामला बेहद गंभीर है और इसमें पूरा परिवार फंस सकता है। उन्होंने बेटे को छोड़ने के एवज में रकम कम करने की बात कही, लेकिन सिपाही नहीं माने। पूरा दो लाख रुपये लेने के बाद ही बेटे को छोड़ा गया। राजेश के मुताबिक, घर लौटते समय बेटे ने पूरी घटना बताई, लेकिन डर के कारण उन्होंने उसी रात थाने जाने के बजाय घर लौटना बेहतर समझा। सुबह मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को कुछ व्यापारी नेताओं के साथ सीओ से मिलकर शिकायत की।
पीड़ित ने मेडिकल कराने से किया इन्कार
पुलिस ने व्यापारी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए चिट्ठी तैयार कराई थी, लेकिन पीड़ित ने मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया। सीओ दीपक सिंह के अनुसार, कई बार कहने के बाद भी व्यापारी ने लिखित रूप से मेडिकल कराने से मना कर दिया। हालांकि, यदि वह अब मेडिकल कराना चाहता है तो जांच कराई जा सकती है।
सिपाहियों की तलाश में एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। जल्द ही सिपाही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। घटना के दिन बिरियागंज चौकी पुलिस जन्माष्टमी कार्यक्रम में लगी हुई थी। जांच में सामने आने वाले तथ्य व साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- सौरभ दीक्षित, एसपी