फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   UP: Proof of birth sought at age 77, witness required to be 20 years older; elderly facing distress.

यूपी: 77 साल की उम्र में मांगा जा रहा जन्म का सबूत, गवाह चाहिए 20 साल बड़ा; अटपटे नियम से बुजुर्ग परेशान

Sat, 10 Oct 2026 12:13 AM IST
Mohd Mustakim जगदीप कुमार, सहारनपुर
जगदीप कुमार, सहारनपुर Published by: Mohd Mustakim Updated Sat, 10 Oct 2026 12:13 AM IST
सार

Saharanpur News: जन्म प्रमाणपत्र की शर्तें बुजुर्गों पर भारी पड़ रही हैं। आराम करने की उम्र में वे मजबूरी में दर-दर भटक रहे हैं, मगर उनसे 20 साल बड़ा कोई गवाह नहीं मिल रहा है। ऐसे में यह नियम उनके लिए मुसीबत बन गया है। 

विज्ञापन
UP: Proof of birth sought at age 77, witness required to be 20 years older; elderly facing distress.
बुजुर्ग। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : freepik

विस्तार

एक तरफ सरकार वरिष्ठ नागरिकों को तमाम सुविधाएं देने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ वह नियमों के मकड़जाल में उलझ रहे हैं। जिस उम्र में बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलनी चाहिए, उस उम्र में उनसे जन्म साबित करने के लिए ऐसे गवाह मांगे जा रहे हैं, जो उनसे 20 साल बड़े हों। सवाल यह है कि 70-77 साल के बुजुर्ग आखिर अपने से 20 साल बड़ी उम्र के गवाह कहां से लाएंगे। किसी के पुश्तैनी घर या आसपास कोई गवाही देने वाला नहीं है। नतीजा यह कि जन्म प्रमाणपत्र अटके हुए हैं। प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया ही उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई है।
विज्ञापन

 
Trending Videos

केस : 1
बापूजी नगर निवासी 70 वर्षीय मुनेश देवी का पासपोर्ट बनना है। इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया है। जब वह जन्म प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम के संबंधित कार्यालय पहुंचीं तो वहां उनसे 20 साल बड़े गवाह के शपथ पत्र मांगे गए, जो वहां के रहने वाले हों, जहां वह पैदा हुई थीं। मुनेश का मायका नानौता में है। वहां उनसे 20 साल बड़ा कोई व्यक्ति नहीं है, जिससे गवाह के तौर पर शपथ पत्र लिया जा सके। इसकी वजह से उनको भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस : 2
खाताखेड़ी निवासी 77 वर्षीय मरगूब को भी किसी काम के लिए जन्म प्रमाणपत्र चाहिए। वह संबंधित जोनल ऑफिस पहुंचे। कर्मचारी ने बताया कि प्रमाणपत्र सिविल कोर्ट से बनेगा। दस्तावेज के तौर पर 20 साल बड़े गवाह का शपथ पत्र लगेगा। उनके पुत्र शाहिद ने बताया कि चिलकाना स्थित उनके पैतृक घर के आसपास उनके वालिद से 20 वर्ष बड़ा कोई व्यक्ति नहीं बचा है, जिससे शपथ पत्र लिया जा सके। ऐसे में वह परेशान हैं।
 
विज्ञापन

एक अक्तूबर 2026 से लागू नए नियम
दो साल से अधिक पुराने जन्म प्रमाणपत्र के लिए सीधे नगर निगम या नगर पालिका से आवेदन नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वकील के माध्यम से वाद दायर करना होगा। सिविल कोर्ट से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सबसे पहले संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाना होगा। वहां आवेदन करने से यह प्रमाणित होगा कि सरकारी रिकॉर्ड में जन्म प्रमाणपत्र पहले नहीं बना है। जांच के बाद संबंधित निकाय अनुपलब्धता प्रमाणपत्र देगा।
 

जन्म प्रमाणपत्र के लिए जरूरी दस्तावेज
-अनुपलब्धता प्रमाणपत्र
-जन्म की तारीख, समय और स्थान के विवरण संबंधी शपथ पत्र
-जन्म से जुड़े सबूत जैसे अस्पताल की पर्ची, स्कूल का रिकॉर्ड, टीसी, आंगनबाड़ी या मेडिकल रिकॉर्ड
-आवेदक और संबंधित व्यक्ति का पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड
-निवास प्रमाण के तौर पर राशन कार्ड या बिजली का बिल
-दो गवाहों के पहचान पत्र और उनके शपथ पत्र आदि
 

ये बोलीं अधिकारी
दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म के प्रमाणपत्र के लिए 20 वर्ष बड़े गवाहों के शपथ पत्र जरूरी हैं, जो उसी मोहल्ले के रहने वाले हों, जहां जन्म हुआ था। जन्म प्रमाणपत्र के लिए यह जरूरी है।
- श्रुति माहेश्वरी, जोनल प्रभारी, नगर निगम
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed