{"_id":"6ae64a9b837413c4c4020974","slug":"nihal-lost-his-life-in-order-to-win-a-childrens-race-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-184396-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: बच्चों की दौड़ जीतने के लिए जिंदगी हार गया निहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: बच्चों की दौड़ जीतने के लिए जिंदगी हार गया निहाल
विज्ञापन
रतनपुरी। रायपुर नंगली के कंपोजिट स्कूल में सुबह साढ़े 10 बजे बच्चों की दौड़ के दौरान निहाल गिरा तो किसी को मौत के झपट्टे का अंदाजा नहीं हुआ। कुछ देर तक बच्चा नहीं उठा तो साथियों ने शोर मचाया। शिक्षकों को मामले की गंभीरता समझते देर नहीं लगी। गांव के लोग दौड़े, परिजन बुलाए गए लेकिन तब तक मौत अपना काम कर चुकी थी।
शिक्षक बच्चे को खतौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे को 10 बजकर 55 मिनट पर लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बच्चे की सांस चली थी।
शिक्षक और परिवार के लोग जिला मुख्यालय लेकर जाने लगे तो रास्ते में मेडिकल कॉलेज देखते ही वहीं पर उपचार कराने के लिए दौड़े लेकिन यहां पहुंचते-पहुंचते बच्चे की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
लंबी उम्र के लिए मां को रखना था अहोई का व्रत
रतनपुरी। मजदूर प्रमोद के परिवार में मां बाला, पत्नी मधु, बड़ी बेटी दीपाली, छोटी दीपांशु और फिर बेटा निहाल था। खुशहाल परिवार को मौत की नजर लग गई। मां मधु मजदूरी पर खतौली गई थी। रविवार को व्रत रखने की तैयारी थी लेकिन हादसे की जानकारी मिलने के बाद उसकी आंखों से आंसू नहीं सूख रहे हैं। प्रमोद कुमार ने बताया कि निहाल उनका इकलौता बेटा पहले बिल्कुल स्वस्थ था। शनिवार केा वह पत्नी मधु के साथ खतौली मजदूरी करने गया हुआ था।
-- -- -- -- -
रायपुर नंगली में गम, हर आंख हुई नम
रतनपुरी। मासूम की मौत की जानकारी मिलने के बाद सैंकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के आवास पर एकत्र हो गए। प्रधान आशुतोष चौधरी, भाकियू नेता सचिन चौधरी, गजेंद्र अहलावत ने दुख जताया। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी खतौली पंकज अग्रवाल भी शिक्षकों के साथ पहुंचे। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि हादसा दुखद है। संवाद
-- -- -- -- -
बेहोश हुई प्रधानाध्यापिका की हालत सुधरी
स्कूल के मैदान पर बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही प्रधानाध्यापिका पारस कुमारी, सहायक अध्यापिका शिल्पी, वंदना, सुचित्रा एवं शिक्षक राजदीप सिंह मौके पर पहुंचे। प्रधानाध्यापिका बेहोश हो गई और उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाकर घर भेजा गया। शाम के समय बच्चे के अंतिम संस्कार के दौरान वह दोबारा गांव पहुंची।
-- -- -- -- -
केस-1
राज एकेडमी और शाहपुर कन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक समाजसेवी अरविंद गुप्ता (65) का शुक्रवार को ही हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। वह अपने आर्यपुरी स्थित आवास पर बैठे थे, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन बचाया नहीं जा सका।
-- -- -- -- -
केस-2
पिछले साल सर्दियों में जानसठ रोड पर बॉक्स क्रिकेट मैच के दौरान नंदू की अचानक तबीयत खराब हुई। साथी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन बचाया नहीं जा सका था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसकी वजह दिल का दौरा पड़ना बताई गई।
-- -- -- -- -
केस-3
एक साल पहले जानसठ क्षेत्र के अहरोड़ा गांव में एक शादी समारोह के दौरान दिल्ली से मंगाए गए भारी बेस वाले डीजे की असहनीय आवाज और वाइब्रेशन के कारण 15 वर्षीय छात्रा को बेचैनी हुई, जिसके बाद हार्ट अटैक आने से उसकी दुखद मृत्यु हो गई थी।
-- -- -- -- -
जिला अस्पताल के अलावा बुढ़ाना में सुविधा
सरकार के स्टेमी केयर प्रोग्राम की सुविधा केवल जिला अस्पताल और बुढ़ाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंंद्र पर उपलब्ध है। खतौली में यह सुविधा नहीं होने के कारण बच्चे को इंजेक्शन नहीं दिया जा सका। इसके अलावा यहां ट्रामा सेंटर भी अभी तक शुरू नहीं हुआ, जिस कारण अन्य मरीजों के लिए भी सुविधाएं नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि जिला अस्पताल की हार्ट यूनिट में भी डॉक्टर तैनात नहीं है। केवल इमरजेंसी में इंजेक्शन लगाए जाते हैं। बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ही ओपीडी करते हैं। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया कहते हैं कि बुढ़ाना के अलावा अन्य सीएचसी पर भी स्टेमी केयर की सुविधा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षक बच्चे को खतौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे को 10 बजकर 55 मिनट पर लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बच्चे की सांस चली थी।
विज्ञापन
शिक्षक और परिवार के लोग जिला मुख्यालय लेकर जाने लगे तो रास्ते में मेडिकल कॉलेज देखते ही वहीं पर उपचार कराने के लिए दौड़े लेकिन यहां पहुंचते-पहुंचते बच्चे की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
लंबी उम्र के लिए मां को रखना था अहोई का व्रत
रतनपुरी। मजदूर प्रमोद के परिवार में मां बाला, पत्नी मधु, बड़ी बेटी दीपाली, छोटी दीपांशु और फिर बेटा निहाल था। खुशहाल परिवार को मौत की नजर लग गई। मां मधु मजदूरी पर खतौली गई थी। रविवार को व्रत रखने की तैयारी थी लेकिन हादसे की जानकारी मिलने के बाद उसकी आंखों से आंसू नहीं सूख रहे हैं। प्रमोद कुमार ने बताया कि निहाल उनका इकलौता बेटा पहले बिल्कुल स्वस्थ था। शनिवार केा वह पत्नी मधु के साथ खतौली मजदूरी करने गया हुआ था।
रायपुर नंगली में गम, हर आंख हुई नम
रतनपुरी। मासूम की मौत की जानकारी मिलने के बाद सैंकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के आवास पर एकत्र हो गए। प्रधान आशुतोष चौधरी, भाकियू नेता सचिन चौधरी, गजेंद्र अहलावत ने दुख जताया। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी खतौली पंकज अग्रवाल भी शिक्षकों के साथ पहुंचे। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि हादसा दुखद है। संवाद
बेहोश हुई प्रधानाध्यापिका की हालत सुधरी
स्कूल के मैदान पर बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही प्रधानाध्यापिका पारस कुमारी, सहायक अध्यापिका शिल्पी, वंदना, सुचित्रा एवं शिक्षक राजदीप सिंह मौके पर पहुंचे। प्रधानाध्यापिका बेहोश हो गई और उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाकर घर भेजा गया। शाम के समय बच्चे के अंतिम संस्कार के दौरान वह दोबारा गांव पहुंची।
केस-1
राज एकेडमी और शाहपुर कन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक समाजसेवी अरविंद गुप्ता (65) का शुक्रवार को ही हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। वह अपने आर्यपुरी स्थित आवास पर बैठे थे, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन बचाया नहीं जा सका।
केस-2
पिछले साल सर्दियों में जानसठ रोड पर बॉक्स क्रिकेट मैच के दौरान नंदू की अचानक तबीयत खराब हुई। साथी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन बचाया नहीं जा सका था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसकी वजह दिल का दौरा पड़ना बताई गई।
केस-3
एक साल पहले जानसठ क्षेत्र के अहरोड़ा गांव में एक शादी समारोह के दौरान दिल्ली से मंगाए गए भारी बेस वाले डीजे की असहनीय आवाज और वाइब्रेशन के कारण 15 वर्षीय छात्रा को बेचैनी हुई, जिसके बाद हार्ट अटैक आने से उसकी दुखद मृत्यु हो गई थी।
जिला अस्पताल के अलावा बुढ़ाना में सुविधा
सरकार के स्टेमी केयर प्रोग्राम की सुविधा केवल जिला अस्पताल और बुढ़ाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंंद्र पर उपलब्ध है। खतौली में यह सुविधा नहीं होने के कारण बच्चे को इंजेक्शन नहीं दिया जा सका। इसके अलावा यहां ट्रामा सेंटर भी अभी तक शुरू नहीं हुआ, जिस कारण अन्य मरीजों के लिए भी सुविधाएं नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि जिला अस्पताल की हार्ट यूनिट में भी डॉक्टर तैनात नहीं है। केवल इमरजेंसी में इंजेक्शन लगाए जाते हैं। बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ही ओपीडी करते हैं। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया कहते हैं कि बुढ़ाना के अलावा अन्य सीएचसी पर भी स्टेमी केयर की सुविधा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।