पैरा एशियन गेम्स 2026: पैरा तीरंदाजी में मेरठ की बहू स्वाति चौधरी ने जीता रजत पदक
मेरठ के जयदेवी नगर में ब्याही पैरा तीरंदाज स्वाति चौधरी ने पैरा एशियन गेम्स की डब्ल्यू-1 श्रेणी में रजत पदक जीता। फाइनल में चीन की खिलाड़ी से मुकाबला हुआ।
विस्तार
मेरठ के लिए गर्व की खबर है। जयदेवी नगर में ब्याही पैरा तीरंदाज स्वाति चौधरी ने पैरा एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और कामयाबी जोड़ ली है। उन्होंने तीरंदाजी की डब्ल्यू-1 श्रेणी में फाइनल तक का सफर तय किया। खिताबी मुकाबले में उन्हें चीन की पैरा तीरंदाज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक मिला। स्वाति इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
डब्ल्यू-1 श्रेणी के फाइनल में पहुंचीं स्वाति
स्वाति चौधरी ने पैरा एशियन गेम्स की तीरंदाजी प्रतियोगिता में डब्ल्यू-1 श्रेणी में हिस्सा लिया। उन्होंने फाइनल तक पहुंचकर पदक पक्का किया। अंतिम मुकाबले में उनका सामना चीन की पैरा तीरंदाज से हुआ। इस मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर पाने के कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतना स्वाति के खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस कामयाबी से मेरठ में भी खुशी का माहौल है।
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सोनीपत के साई केंद्र में करती हैं तैयारी
स्वाति चौधरी अपनी तीरंदाजी की तैयारी सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में रहकर करती हैं। यहां वह नियमित अभ्यास के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करती हैं।
उन्हें कोच सत्यदेव सिंह और विवेक चिकारा ने प्रशिक्षण दिया है। दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में स्वाति ने अपने खेल को निखारा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुकी हैं पदक
स्वाति चौधरी इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। पैरा एशियन गेम्स में रजत पदक उनकी उपलब्धियों की कड़ी में एक और अहम सफलता है। उनकी इस उपलब्धि पर कोच सत्यदेव सिंह ने भी उन्हें बधाई दी।
स्वाति की सफलता पैरा खेलों में खिलाड़ियों की मेहनत और निरंतर अभ्यास को रेखांकित करती है। पैरा तीरंदाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया है।