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Meerut News: पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच को लेकर अधिवक्ता निकालेंगे पैदल मार्च
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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
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- 22 जिलों के अधिवक्ता 2 दिसंबर को दिल्ली जंतर मंतर करेंगे धरना-प्रदर्शन
- सहारनपुर में हुई अधिवक्ताओं की बैठक में लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसीमेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर बुधवार को सहारनपुर बार एसोसिएशन में 22 जिलों के अधिवक्ताओं की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 दिसंबर 2026 को सभी जिलों और तहसील के अधिवक्ता पैदल मार्च दिल्ली जंतर मंतर तक करेंगे। वहां पर हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही न्याय यात्रा मेरठ से शुरू की जाएगी जो प्रत्येक 22 जिलों में हाई कोर्ट बेंच के समर्थन में प्रचार प्रसार करेगी।
इसके अलावा बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें निर्णय लिया गया कि बेंच की मांग को लेकर शनिवार की हड़ताल को अधिक प्रभावी रूप से लागू रखा जाएगा। कानपुर बार एसोसिएशन में लिए गए निर्णय के चलते प्रत्येक बुधवार को अधिवक्ता न्याय कार्य नहीं करेंगे। हाई कोर्ट बेंच की मांग को अब इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के माध्यम से और अधिक प्रसारित किया जाएगा। जिसमें इंस्टाग्राम, फेसबुक ऑनलाइन सहित तमाम प्रक्रिया अपनाई जाएंगी।
इसके अलावा प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व अधिकारियों को पत्र लिखे जाएंगे। साथ ही हाई कोर्ट के आदेश के चलते कोई भी अधिवक्ता बार पदाधिकारी शपथ पत्र इस बाबत नहीं दाखिल करेगी कि वह हड़ताल नहीं करेंगे। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच को मजबूती दिए जाने के लिए बेंच नहीं तो वोट नहीं, के नारे को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।
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केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और संयोजक प्रवेश आलम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सहारनपुर, बागपत, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, शामली, बेहट, देवबंद, सरधना सहित तमाम जिलों के बार पदाधिकारी मौजूद रहे। जिसमें जंग बहादुर सिंह, संजय प्रताप सिंह, राजीव यादव, प्रदीप वर्मा, अरविंद राठी, अनिल गुर्जर, विनोद त्यागी, मुरारी लाल, राजेंद्र चौहान, आरिफ अली, अनीता रानी, गौरव दीक्षित सहित तमाम अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखें और हाई कोर्ट बेंच की स्थापना होने तक आंदोलन को और अधिक मजबूत किए जाने पर जोर दिया।
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- 22 जिलों के अधिवक्ता 2 दिसंबर को दिल्ली जंतर मंतर करेंगे धरना-प्रदर्शन
- सहारनपुर में हुई अधिवक्ताओं की बैठक में लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसीमेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर बुधवार को सहारनपुर बार एसोसिएशन में 22 जिलों के अधिवक्ताओं की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 दिसंबर 2026 को सभी जिलों और तहसील के अधिवक्ता पैदल मार्च दिल्ली जंतर मंतर तक करेंगे। वहां पर हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही न्याय यात्रा मेरठ से शुरू की जाएगी जो प्रत्येक 22 जिलों में हाई कोर्ट बेंच के समर्थन में प्रचार प्रसार करेगी।
इसके अलावा बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें निर्णय लिया गया कि बेंच की मांग को लेकर शनिवार की हड़ताल को अधिक प्रभावी रूप से लागू रखा जाएगा। कानपुर बार एसोसिएशन में लिए गए निर्णय के चलते प्रत्येक बुधवार को अधिवक्ता न्याय कार्य नहीं करेंगे। हाई कोर्ट बेंच की मांग को अब इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के माध्यम से और अधिक प्रसारित किया जाएगा। जिसमें इंस्टाग्राम, फेसबुक ऑनलाइन सहित तमाम प्रक्रिया अपनाई जाएंगी।
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इसके अलावा प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व अधिकारियों को पत्र लिखे जाएंगे। साथ ही हाई कोर्ट के आदेश के चलते कोई भी अधिवक्ता बार पदाधिकारी शपथ पत्र इस बाबत नहीं दाखिल करेगी कि वह हड़ताल नहीं करेंगे। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच को मजबूती दिए जाने के लिए बेंच नहीं तो वोट नहीं, के नारे को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।
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केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और संयोजक प्रवेश आलम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सहारनपुर, बागपत, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, शामली, बेहट, देवबंद, सरधना सहित तमाम जिलों के बार पदाधिकारी मौजूद रहे। जिसमें जंग बहादुर सिंह, संजय प्रताप सिंह, राजीव यादव, प्रदीप वर्मा, अरविंद राठी, अनिल गुर्जर, विनोद त्यागी, मुरारी लाल, राजेंद्र चौहान, आरिफ अली, अनीता रानी, गौरव दीक्षित सहित तमाम अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखें और हाई कोर्ट बेंच की स्थापना होने तक आंदोलन को और अधिक मजबूत किए जाने पर जोर दिया।