फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Investigation found eight private hospitals illegal, two ordered to be sealed, 34 issued notices

Kushinagar News: जांच में आठ निजी अस्पताल मिले अवैध, दो को सील करने के निर्देश, 34 को नोटिस

Wed, 09 Sep 2026 02:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
Investigation found eight private hospitals illegal, two ordered to be sealed, 34 issued notices
पडरौना। जिले के 52 निजी अस्पतालों की जांच में आठ अस्पताल अवैध तरीके से संचालित मिले हैं। सीएमओ ने दो को सील करने के निर्देश दिए हैं। 34 निजी अस्पतालों नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया है। रविंद्र प्रसाद केयर एंड क्योर हॉस्पिटल विशुनपुरा, फातिमा हॉस्पिटल कसया को सील किया जाएगा।
विज्ञापन

इस संबंध में सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने दोनों सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि दोनों अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं था, पंजीकरण के लिए आवेदन भी नहीं किए गए। इस लिए सील कराया जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे अवैध अस्पताल संचालकों में खलबली मची है। सीएमओ ने कहा है कि अभियान अभी जारी रहेगा।
विज्ञापन

जिले में अवैध अस्पतालों के फैले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। अब तक जिले में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर की ओर से हुई कार्रवाई खानापूरी साबित हुई। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की आठ टीम ने एक साथ निजी अस्पतालों में छापेमारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

टीम का माइक्रो प्लान सीएमओ की ओर से तैयार किया गया था। मैक्स नवजीवन हास्पिटल कसया, श्रीरविंदु प्रसाद केयर एंड क्योर हास्पिटल विशुनपुरा, लोक सेवक हॉस्पिटल सूरज नगर विशुनपुरा,फातिमा हॉस्पिटल कसया, हमराही मल्टी स्पो हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर कसया,जीवन दीप हॉस्पिटल कसया, ओम साई हॉस्पिटल खिरकिया, राहत हॉस्पिटल खिरकिया अवैध तरीके से संचालित होता हुआ मिला।

संचालकों ने कोई पंजीकरण का पेपर नहीं दिखा सका और न ही सीएमओ कार्यालय में इन अस्पतालों के नाम से कोई पंजीकरण है। इसके अलावा 34 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है, इन अस्पतालों का जिन डाक्टरों के नाम से रजिस्ट्रेशन था, वे डाक्टर नहीं मिले। इसके अलावा इसमें कई ऐसे अस्पताल शामिल हैं, जो मानक को बिना पूरा किए संचालित किया जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed