{"_id":"6ae65909d566b3804e0a9ad3","slug":"police-to-scour-industrial-areas-to-track-down-chemical-supplier-kanpur-news-c-12-1-knp1024-1700421-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: केमिकल सप्लायर को पकड़ने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया खंगालेगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: केमिकल सप्लायर को पकड़ने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया खंगालेगी पुलिस
विज्ञापन
कानपुर। जालौन के डकोर थाना क्षेत्र के रामपुरा में मेफेड्रोन ड्रग्स की फैक्टरी पकड़े जाने के मामले के तार कानपुर से जुड़ने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि केमिकल सप्लायर को पकड़ने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में जांच की जाएगी। उनके लाइसेंस और स्टाॅक चेक किए जाएंगे। इस काम की जिम्मेदारी अपर पुलिस आयुक्त (कानून व व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा को दी गई है। सोमवार से अभियान शुरू किया जाएगा।
दो दिन पहले जालौन में बेहद खतरनाक नशीला पदार्थ मेफेड्रोन बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया गया है। एक खेत में झोपड़ा बनाकर गुलाब जल की आड़ में मेफेड्रोन बनाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि कानपुर में बैठा किसी प्रभावशाली व्यक्ति के माध्यम से केमिकल की सप्लाई जालौन में की जा रही थी। इससे मेफेड्रोन तैयार हो रहा था। सीपी ने बताया कि मेफेड्रोन बनाने में सल्फ्यूरिक एसिड, हाइड्रोलिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, टाल्विन व सोडियम आदि केमिकलों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका पता लगाने के लिए पनकी, फजलगंज और दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरियों में जांंच और उनके संचालकों से पूछताछ की जाएगी।
दूसरी ओर यूपी डाइज एंड केमिकल मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव आरके सफ्फड़ का कहना है कि बताए गए केमिकल के अलावा गन्ने के शीरे से बनने वाला केमिकल भी ड्रग्स में इस्तेमाल किया जाता है। इन केमिकल्स का सर्वाधिक प्रयोग टेनरी, बैटरी बनाने के कारखाने, कपड़ा, तेजाब व पेंट बनाने की फैक्टरी में किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिन पहले जालौन में बेहद खतरनाक नशीला पदार्थ मेफेड्रोन बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया गया है। एक खेत में झोपड़ा बनाकर गुलाब जल की आड़ में मेफेड्रोन बनाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि कानपुर में बैठा किसी प्रभावशाली व्यक्ति के माध्यम से केमिकल की सप्लाई जालौन में की जा रही थी। इससे मेफेड्रोन तैयार हो रहा था। सीपी ने बताया कि मेफेड्रोन बनाने में सल्फ्यूरिक एसिड, हाइड्रोलिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, टाल्विन व सोडियम आदि केमिकलों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका पता लगाने के लिए पनकी, फजलगंज और दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरियों में जांंच और उनके संचालकों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
दूसरी ओर यूपी डाइज एंड केमिकल मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव आरके सफ्फड़ का कहना है कि बताए गए केमिकल के अलावा गन्ने के शीरे से बनने वाला केमिकल भी ड्रग्स में इस्तेमाल किया जाता है। इन केमिकल्स का सर्वाधिक प्रयोग टेनरी, बैटरी बनाने के कारखाने, कपड़ा, तेजाब व पेंट बनाने की फैक्टरी में किया जाता है।
विज्ञापन