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Fatehpur News: इतिहास में उलझे, सावरकर से जुड़े प्रश्न पर अटके अभ्यर्थी
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फोटो-20-अजय सिंह। संवाद
- फोटो : Archive
फतेहपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में इस बार इतिहास के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की तैयारी की अच्छी परख की। प्राचीन और आधुनिक इतिहास से जुड़े सवालों ने कई परीक्षार्थियों को उलझाए रखा।
खासकर वीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न परीक्षा के बाद चर्चा का विषय बना रहा। इसमें पूछा गया था कि सावरकर ने किस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी। विकल्पों में हिंदू महासभा, अभिनव भारत सोसाइटी और अनुशीलन समिति शामिल थे। इस सवाल पर कई अभ्यर्थी सही विकल्प को लेकर असमंजस में रहे।
इतिहास के अनुसार, इस प्रश्न का सही उत्तर अभिनव भारत सोसाइटी है। सावरकर बंधुओं ने वर्ष 1904 में इस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी। इसकी शुरुआत वर्ष 1899 में नासिक में मित्र मेला के नाम से हुई थी। संगठन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से देश को स्वतंत्र कराना था।
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सावरकर का हिंदू महासभा से जुड़ाव बाद के वर्षों में हुआ। वह वर्ष 1937 में इसके अध्यक्ष बने थे। यही वजह रही कि दोनों संगठनों से जुड़े विकल्पों ने अभ्यर्थियों को भ्रमित किया। इसके अलावा प्राचीन इतिहास के प्रश्नों में घटनाओं और तथ्यों का सही क्रम याद रखने की चुनौती रही।
आधुनिक इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन, क्रांतिकारी संगठनों और उनके संस्थापकों से जुड़े सवाल पूछे गए। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी प्रश्नों के उत्तर मिलाने और सही विकल्पों पर चर्चा करते नजर आए।
पेपर हल करने में नहीं हुई ज्यादा परेशानी
तैयारी अच्छी होने के कारण पेपर हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। शुरुआत में परीक्षा को लेकर थोड़ा तनाव जरूर था, लेकिन प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप रहा। कुछ सवाल कठिन लगे, फिर भी समय के भीतर सभी प्रश्न हल कर लिए।
- अजय सिंह, प्रयागराज।
इस बार परीक्षा में प्रश्नों का स्तर संतुलित रहा। ज्यादातर सवाल पढ़ाई के दौरान तैयार किए गए विषयों से ही पूछे गए। पेपर अच्छा हुआ, हालांकि इतिहास के कुछ प्रश्नों ने जरूर उलझाया। अब बेहतर परिणाम की उम्मीद है।
- अजय कुमार, बांदा।
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खासकर वीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न परीक्षा के बाद चर्चा का विषय बना रहा। इसमें पूछा गया था कि सावरकर ने किस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी। विकल्पों में हिंदू महासभा, अभिनव भारत सोसाइटी और अनुशीलन समिति शामिल थे। इस सवाल पर कई अभ्यर्थी सही विकल्प को लेकर असमंजस में रहे।
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इतिहास के अनुसार, इस प्रश्न का सही उत्तर अभिनव भारत सोसाइटी है। सावरकर बंधुओं ने वर्ष 1904 में इस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी। इसकी शुरुआत वर्ष 1899 में नासिक में मित्र मेला के नाम से हुई थी। संगठन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से देश को स्वतंत्र कराना था।
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सावरकर का हिंदू महासभा से जुड़ाव बाद के वर्षों में हुआ। वह वर्ष 1937 में इसके अध्यक्ष बने थे। यही वजह रही कि दोनों संगठनों से जुड़े विकल्पों ने अभ्यर्थियों को भ्रमित किया। इसके अलावा प्राचीन इतिहास के प्रश्नों में घटनाओं और तथ्यों का सही क्रम याद रखने की चुनौती रही।
आधुनिक इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन, क्रांतिकारी संगठनों और उनके संस्थापकों से जुड़े सवाल पूछे गए। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी प्रश्नों के उत्तर मिलाने और सही विकल्पों पर चर्चा करते नजर आए।
पेपर हल करने में नहीं हुई ज्यादा परेशानी
तैयारी अच्छी होने के कारण पेपर हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। शुरुआत में परीक्षा को लेकर थोड़ा तनाव जरूर था, लेकिन प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप रहा। कुछ सवाल कठिन लगे, फिर भी समय के भीतर सभी प्रश्न हल कर लिए।
- अजय सिंह, प्रयागराज।
इस बार परीक्षा में प्रश्नों का स्तर संतुलित रहा। ज्यादातर सवाल पढ़ाई के दौरान तैयार किए गए विषयों से ही पूछे गए। पेपर अच्छा हुआ, हालांकि इतिहास के कुछ प्रश्नों ने जरूर उलझाया। अब बेहतर परिणाम की उम्मीद है।
- अजय कुमार, बांदा।

फोटो-20-अजय सिंह। संवाद- फोटो : Archive

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