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Farrukhabad News: रातभर हुई हल्की बारिश से फसलों में नुकसान की आशंका बढ़ी
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फर्रुखाबाद। शुक्रवार रात हुई हल्की बारिश से फसलों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। खेतों की जोताई, आलू व सरसों की बोआई भी थम गई है। खेतों में कटी पड़ी धान व बाजरा की फसल में नुकसान की आशंका से किसान परेशान हैं। घरों में बोआई के लिए काटा गया आलू का बीज भी खराब होने की चिंता किसानों को सता रही है।
मौसम विभाग ने 30 व 31 अक्तूबर को भारी बारिश व वज्रपात की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया था। हालांकि भारी वर्षा तो नहीं हुई, लेकिन दोनों दिन घने बादल छाए रहने के साथ बूंदा-बांदी व हल्की बरसात हुई। शनिवार को दूसरे दिन भी धूप नहीं निकली। इन दिनों खेतों में धान, बाजरा की पकी तैयार खड़ी है। कटाई व मड़ाई का काम भी चल रहा है। मौसम का मिजाज बदलने से खेतों में फसलों की कटाई पर ब्रेक लग गया है। खेतों में कटी पड़ी धान व बाजरा की फसलें भीगने से नुकसान की आशंका से किसान खासे चिंतित हैं।
किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ न हुआ तो बाजरा में फफूंदी लगने और धान का दाना काला पड़ने की आशंका है। इससे बाजार में भाव भी अच्छा नहीं मिलेगा। वहीं इन दिनों आलू की बोआई भी तेजी से चल रही थी। बारिश होने से आलू, सरसों व रबी की अन्य फसलों की बोआई पर भी ब्रेक लग गया है। घरों में कटा लगा आलू का बीज एक-दो दिन और न बोया गया तो बीज सड़ने से किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। यदि बारिश अधिक हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। खेतों में पकी खड़ी फसलों के साथ बोयी जा चुकी आलू व सरसों की फसलें भी चौपट हो जाएंगी। वहीं तापमान गिरने से मौसम ठंडा हो गया है। लोग गर्म कपड़े भी निकालने लगे हैं। तापमान अधिकतम 28 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बोआई रोकें किसान
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बारिश अधिक होने से सभी फसलों में नुकसान की आशंका है। मौसम साफ होने पर ही किसान बोआई करें। कटी पड़ी बाजरा व धान की फसलें पॉलिथीन या तिरपाल आदि से ढंक दें, जिससे अधिक भीगने से बचाव हो सके। अधिक बारिश होने पर खेतों से पानी निकालते रहें। बारिश में भीगने से बाजरा में फंगस और धान का दाना काला पड़ने की आशंका रहती है।
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मौसम विभाग ने 30 व 31 अक्तूबर को भारी बारिश व वज्रपात की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया था। हालांकि भारी वर्षा तो नहीं हुई, लेकिन दोनों दिन घने बादल छाए रहने के साथ बूंदा-बांदी व हल्की बरसात हुई। शनिवार को दूसरे दिन भी धूप नहीं निकली। इन दिनों खेतों में धान, बाजरा की पकी तैयार खड़ी है। कटाई व मड़ाई का काम भी चल रहा है। मौसम का मिजाज बदलने से खेतों में फसलों की कटाई पर ब्रेक लग गया है। खेतों में कटी पड़ी धान व बाजरा की फसलें भीगने से नुकसान की आशंका से किसान खासे चिंतित हैं।
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किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ न हुआ तो बाजरा में फफूंदी लगने और धान का दाना काला पड़ने की आशंका है। इससे बाजार में भाव भी अच्छा नहीं मिलेगा। वहीं इन दिनों आलू की बोआई भी तेजी से चल रही थी। बारिश होने से आलू, सरसों व रबी की अन्य फसलों की बोआई पर भी ब्रेक लग गया है। घरों में कटा लगा आलू का बीज एक-दो दिन और न बोया गया तो बीज सड़ने से किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। यदि बारिश अधिक हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। खेतों में पकी खड़ी फसलों के साथ बोयी जा चुकी आलू व सरसों की फसलें भी चौपट हो जाएंगी। वहीं तापमान गिरने से मौसम ठंडा हो गया है। लोग गर्म कपड़े भी निकालने लगे हैं। तापमान अधिकतम 28 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बोआई रोकें किसान
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बारिश अधिक होने से सभी फसलों में नुकसान की आशंका है। मौसम साफ होने पर ही किसान बोआई करें। कटी पड़ी बाजरा व धान की फसलें पॉलिथीन या तिरपाल आदि से ढंक दें, जिससे अधिक भीगने से बचाव हो सके। अधिक बारिश होने पर खेतों से पानी निकालते रहें। बारिश में भीगने से बाजरा में फंगस और धान का दाना काला पड़ने की आशंका रहती है।