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Etawah News: खतरे से 1.09 मीटर ऊपर बह रही क्वारी नदी, यूपी-एमपी बार्डर डूबा

Thu, 10 Sep 2026 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 10:42 PM IST
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Quari River flowing 1.09 meters above the danger mark; UP-MP border submerged.
चकरनगर। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई मूसलाधार बारिश का असर चकरनगर तहसील क्षेत्र में दिख रहा है। यहां बह रही क्वारी नदी का जलस्तर बुधवार रात से तेजी से बढ़ने लगा है। गुरुवार को नदी खतरे के निशान 125.95 मीटर को पार कर 127.04 मीटर पर पहुंच गई। यह जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.09 मीटर ऊपर है। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग जलमग्न हो गया। करीब 50 गांवों के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग की पुलिया पर कमर तक पानी भर गया। बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। कुछ बाइक सवार जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकलते दिखे। कई लोग पानी अधिक होने के कारण घंटों इंतजार करके वापस लौट गए। एक टेंपो चालक ने सवारियों की जान की परवाह किए बिना वाहन निकालने की कोशिश की। पानी अधिक होने से टेंपो बीच रास्ते में ही बंद हो गया। सवारियों को उतरकर धक्का लगाकर टेंपो को पानी से बाहर निकालना पड़ा।
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हनुमंतपुरा चौराहे से ही टेंपो चालक यात्रियों को चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग बंद होने की जानकारी दे रहे थे। वे ऊमरी और भिंड जाने से इन्कार कर रहे थे। इसके चलते यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग लेना पड़ा। यात्रियों को चौरेला-फूप और सिंड़ौस-मुहांड मार्ग से जाना पड़ा। इस चक्कर में उन्हें करीब 50 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा।
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जलस्तर बढ़ने के कारण देर शाम तक चकरनगर क्षेत्र के अन्य गांवों पर भी असर दिखा। कोटरा और बिरोनाबाग गांव के मुख्य रास्तों पर भी पानी पहुंच गया। बिरोनाबाग, गुरभेली और तेलियन खोड़न गांवों के रास्तों तक भी क्वारी नदी का पानी आ गया। इससे इन गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
क्वारी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर तहसील प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसडीएम रोहित कुमार मौर्य ने चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग और सिंड़ौस क्वारी पुल पर पहुंचकर जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पानी बढ़ने से खतरे को देखते हुए पुलिस पिकेट लगाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित प्राचीन पांडरी बाबा मंदिर परिसर में भी चारों तरफ क्वारी नदी का बाढ़ का पानी भर गया। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। एटा से ट्रक से पहुंचीं सुनीता देवी अपनी बेटियों रौनक और पायल के साथ मंदिर पहुंचीं। परिसर में पानी भरा होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत जुटाकर पानी में उतरकर बाबा के दर्शन किए।

चकरनगर। पिछले वर्ष चकरनगर क्षेत्र में क्वारी और चंबल नदियों के उफान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। 31 जुलाई 2025 को चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान 120.80 मीटर को पार कर 126.89 मीटर तक पहुंच गया था। वहीं क्वारी नदी भी खतरे के निशान 125.96 मीटर से बढ़कर 129.07 मीटर पर पहुंच गई थी। क्वारी नदी खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बहने लगी थी। नदियों के बढ़े जलस्तर से यमुना, चंबल और क्वारी किनारे बसे करीब 25 गांवों में दहशत फैल गई थी। बाढ़ के चलते इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया था। (संवाद)
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