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Deoria News: प्रसव कराने से इन्कार का आरोप, मेडिकल कॉलेज के लिए किया रेफर
Mon, 07 Sep 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:27 AM IST
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बैतालपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैतालपुर पर प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती का प्रसव नहीं कराने और लापरवाही बरतने का आरोप लगा है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को रेफर करना लापरवाही नहीं, बल्कि चिकित्सीय प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय था। मामले को लेकर गर्भवती के परिजन के आरोप और स्वास्थ्य केंद्र के पक्ष के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बैतालपुर नगर पंचायत के आजाद नगर वार्ड नंबर तीन निवासी निशा देवी पत्नी सिद्धांत कुमार बांसफोर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजन का आरोप है कि केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया और उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। मामले को लेकर परिजन में नाराजगी रही।
परिजन का कहना है कि प्रसव पीड़ा की स्थिति में तत्काल उपचार और चिकित्सकीय सहायता की उम्मीद लेकर वे पीएचसी पहुंचे थे। वहां से रेफर किए जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
आरोप लगने पर एएनएम चांदनी सिंह ने बताया कि महिला की स्थिति और गर्भस्थ शिशु की अवस्था को देखते हुए सामान्य प्रसव कराना उचित नहीं था।
उन्होंने कहा कि पीएचसी पर उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सीय सुविधाओं के अनुसार ही मरीज का उपचार किया जाता है। किसी मरीज को जानबूझकर परेशान करने या प्रसव से इन्कार करने का सवाल नहीं है। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।
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इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि महिला को चिकित्सकीय जांच के बाद स्थिति के अनुरूप रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि गर्भस्थ शिशु पूर्ण रूप से परिपक्व नहीं था।
ऐसे मामलों में प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों के लिए गंभीर जोखिम हो सकता है। नवजात को तत्काल विशेष देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसके लिए एसएनसीयू या एनआईसीयू जैसी सुविधाएं जरूरी होती हैं।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को रेफर करना लापरवाही नहीं, बल्कि चिकित्सीय प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय था। मामले को लेकर गर्भवती के परिजन के आरोप और स्वास्थ्य केंद्र के पक्ष के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बैतालपुर नगर पंचायत के आजाद नगर वार्ड नंबर तीन निवासी निशा देवी पत्नी सिद्धांत कुमार बांसफोर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजन का आरोप है कि केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया और उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। मामले को लेकर परिजन में नाराजगी रही।
परिजन का कहना है कि प्रसव पीड़ा की स्थिति में तत्काल उपचार और चिकित्सकीय सहायता की उम्मीद लेकर वे पीएचसी पहुंचे थे। वहां से रेफर किए जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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आरोप लगने पर एएनएम चांदनी सिंह ने बताया कि महिला की स्थिति और गर्भस्थ शिशु की अवस्था को देखते हुए सामान्य प्रसव कराना उचित नहीं था।
उन्होंने कहा कि पीएचसी पर उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सीय सुविधाओं के अनुसार ही मरीज का उपचार किया जाता है। किसी मरीज को जानबूझकर परेशान करने या प्रसव से इन्कार करने का सवाल नहीं है। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।
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इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि महिला को चिकित्सकीय जांच के बाद स्थिति के अनुरूप रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि गर्भस्थ शिशु पूर्ण रूप से परिपक्व नहीं था।
ऐसे मामलों में प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों के लिए गंभीर जोखिम हो सकता है। नवजात को तत्काल विशेष देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसके लिए एसएनसीयू या एनआईसीयू जैसी सुविधाएं जरूरी होती हैं।